झारखंड में बड़ी हलचल: गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव को हाईकोर्ट से मिली जमानत; UAPA हटने के बाद खुली जेल की राह

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Aman Srivastava Bail मामले में झारखंड हाईकोर्ट से कुख्यात गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव को बड़ी कानूनी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने उसकी जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है. इसके साथ ही अदालत ने उस याचिका को भी मंजूरी दे दी, जिसमें उसने अपने ऊपर लगाए गए गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत दर्ज आरोपों को चुनौती दी थी. यह फैसला जस्टिस रंगोन मुखोपाध्याय और जस्टिस प्रदीप श्रीवास्तव की खंडपीठ ने सुनाया.

मामले में वर्ष 2023 में झारखंड एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने चार्जशीट दाखिल की थी. जांच एजेंसी के अनुसार, अमन श्रीवास्तव अपने गिरोह के सदस्यों के जरिए कारोबारियों और ठेकेदारों से रंगदारी वसूलता था. आरोप था कि उसके लोग फोन कर पैसे की मांग करते थे और इनकार करने वालों को डराने के लिए गोली चलाने और धमकी देने जैसी घटनाएं भी सामने आई थीं. इसी आधार पर उसके खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया गया था.

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सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि इस मामले में UAPA की धाराएं लगाना उचित नहीं है. अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस से जुड़े तथ्यों पर विचार करने के बाद आरोपी की याचिका स्वीकार कर ली. Aman Srivastava Bail के इस फैसले के साथ ही उस पर से UAPA की धाराएं हटा दी गईं, जिसे उसके लिए बड़ी राहत माना जा रहा है.

हालांकि, Aman Srivastava Bail मिलने के बावजूद वह फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ पाएगा. दरअसल, उसके खिलाफ झारखंड के विभिन्न थानों में कई अन्य गंभीर मामले दर्ज हैं. जब तक उन मामलों में उसे कानूनी राहत नहीं मिलती, तब तक उसकी रिहाई संभव नहीं है. कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, हाईकोर्ट के इस फैसले से उसे एक मामले में राहत जरूर मिली है, लेकिन अन्य मामलों के कारण उसकी कानूनी चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं.

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