Highway Project: बिहार को मिला बड़ा तोहफा! ₹3,591 करोड़ से बनेगा 4-लेन हाईवे, खड़गपुर-भद्रक रेल कॉरिडोर पर भी बड़ा फैसला

Bihar Highway Project: बिहार समेत देश के कई राज्यों के लिए बुधवार का दिन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से बेहद अहम रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में ₹13,041 करोड़ से ज्यादा की लागत वाली 5 बड़ी रेल और सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।

इन फैसलों में बिहार के लिए मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा 4-लेन हाईवे को मंजूरी सबसे अहम मानी जा रही है। करीब ₹3,591 करोड़ की लागत से बनने वाला यह कॉरिडोर उत्तर बिहार की सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाला है।

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वहीं, रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत कई राज्यों में मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है।

मुजफ्फरपुर से सोनबरसा तक बनेगा 4-लेन हाईवे

कैबिनेट ने मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा तक 4-लेन हाईवे के विस्तार को मंजूरी दी है। इस परियोजना पर करीब ₹3,591 करोड़ खर्च किए जाएंगे।

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यह परियोजना मौजूदा NH-22 के ब्राउनफील्ड मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा कॉरिडोर के विस्तार से जुड़ी है।

हाईवे के 4-लेन होने के बाद उत्तर बिहार के महत्वपूर्ण इलाकों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। साथ ही मौजूदा सड़क पर वाहनों के दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी।

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सीतामढ़ी और सीमावर्ती इलाकों को भी फायदा

मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी और सोनबरसा तक बेहतर सड़क संपर्क का असर सिर्फ यातायात तक सीमित नहीं रहेगा। इससे क्षेत्र में माल ढुलाई, व्यापार और लोगों की आवाजाही को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

खासकर सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण बेहतर हाईवे कनेक्टिविटी रणनीतिक और आर्थिक दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

खड़गपुर-भद्रक रेल सेक्शन भी होगा 4-लाइन

कैबिनेट के फैसलों में रेल नेटवर्क से जुड़ी परियोजनाएं भी शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, खड़गपुर से भद्रक के बीच करीब 173 किलोमीटर लंबे रेल सेक्शन को 4-लाइन कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है।

यह रेल मार्ग पश्चिम बंगाल और ओडिशा के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है। मल्टीट्रैकिंग होने से इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

मालगाड़ियों की रफ्तार भी बढ़ेगी

रेलवे की मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं का एक बड़ा उद्देश्य मौजूदा रेल लाइनों पर ट्रैफिक का दबाव कम करना और माल ढुलाई की क्षमता बढ़ाना है।

अश्विनी वैष्णव के अनुसार, अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध होने से इस रूट पर अधिक ट्रेनें चलाना, माल ढुलाई आसान करना और रेलवे ट्रैक के रखरखाव को बेहतर तरीके से करना संभव होगा।

4 राज्यों के 8 जिलों को मिलेगा फायदा

कैबिनेट ने कुल चार मल्टीट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर करीब ₹9,450 करोड़ खर्च किए जाएंगे।

इनका विस्तार पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुल 8 जिलों तक होगा।

सरकार का लक्ष्य इन परियोजनाओं के जरिए रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ यात्री और माल परिवहन दोनों को अधिक सुगम बनाना है।

₹13 हजार करोड़ से ज्यादा का इंफ्रास्ट्रक्चर पैकेज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूर की गई इन पांच परियोजनाओं पर कुल मिलाकर ₹13,041 करोड़ से अधिक खर्च किए जाएंगे।

एक तरफ बिहार में नया 4-लेन हाईवे उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी मजबूत करेगा, तो दूसरी तरफ रेल मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं देश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में रेलवे की क्षमता बढ़ाने में मदद करेंगी।

केंद्र सरकार के इन फैसलों को देश के सड़क और रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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