JSSC सहायक आचार्य भर्ती : नियमावली को चुनौती देने वाली याचिका पर हुई सुनवाई, चार सप्ताह में कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब किया तलब, ये है पूरा मामला

रांची। झारखंड में 26000 हजार पदों पर होने वाली सहायक आचार्य नियुक्ति पर कोर्ट का साया पड़ता दिख रहा है। JSSC की तरफ से होने वाली सहायक आचार्य नियुक्ति विज्ञापन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए डबल बेंच ने राज्य सरकार, JSSC और राज्य शिक्षा परियोजना से जवाब तलब किया है। सभी से चार सप्ताह में जवाब देने को कहा गया है।

कोर्ट में भर्ती नियमावली को चुनौती दी गयी है। दरअसल 2023 में बनी नियमावली में बीआरपी और सीआरपी संविदाकर्मियों को सहायक आचार्य नियुक्ति में 50 फीसदी आरक्षण से वंचित कर दिया गया था। इसे लेकर बीआरपी और सीआरपी की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी। याचिका में कहा गया है कि सहायक आचार्य नियुक्ति नियमावली 2022 में संविदा पर शिक्षा विभाग में काम कर रहे कर्मियों को 50 प्रतिशत आरक्षण की सुविधा दी गई थी, बाद में संशोधित नियमावली निकालकर आरक्षण की सुविधा को समाप्त कर दिया गया।

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जबकि स्कूली शिक्षा विभाग के प्राथमिक शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में कमेटी बनी थी। उसमें 55वें एजेंडा में बीआरपी और सीआरपी पर भी मंथन हुआ था। कमेटी ने बीआरपी और सीआरपी वालों को शिक्षक नियुक्ति में रिजर्वेशन का सुझाव दिया था। लेकिन साल 2023 में बनी नियमावली के मुताबिक सिर्फ पारा शिक्षकों को ही सहायक आचार्य की नियुक्ति में 50 फीसदी आरक्षण की सुविधा दी गई है। इस मामले में दायर याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।

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