24 हजार न्यूनतम मानदेय सहित अन्य मांग पर आंगनवाड़ी सेविका सहायिका संघ सांसद संजय सेठ से मिला

रांची । झारखंड राज्य आंगनवाड़ी सेविका सहायिका संघ ने रांची लोकसभा क्षेत्र के सांसद संजय सेठ से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन महिला एवम बाल विकास विभाग के केंद्रीय मंत्री को संबोधित किया गया है। जिसमे राज्यांश के बराबर केंद्रांश बढ़ाने की मांग की गई है ताकि वेतन में बढ़ोतरी हो सके। संघ के प्रतिनिधिमंडल को सांसद संजय सेठ ने भरोसा दिलाया के आपकी मांग को केंद्रीय मंत्री तक पहुंचाया जाएगा।
क्या है मामला
केंद्र प्रायोजित योजना के तहत कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं (सेविका एवं सहायिकाओं) ,के देय केद्रांश राशि झारखण्ड सरकार के देय अंश दान के बराबर करने से न्यूनतम वेतन 24000/(चौबीस हजार रु)के समतुल्य मासिक किए जाने का भरोसा राज्य सरकार द्वारा किया गया है। जिसकी मांग संघ द्वारा किया जा रहा है।
संघ के प्रतिनिधिमंडल ने की ये मांग
1.झारखण्ड राज्य में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय राज्यांष मद से सेविकाओं को 6800/रु एवं सहायिकाओं को 3400/मासिक दिया जा रहा है जबकि केन्द्रास मद से आज भी इन कार्यकर्ताओं को क्रमशः 2700/एवं 1350 रु मात्र दिया जा रहा है ।
2.केंद्र सरकार एक तरफ हमारे मानदेय में झारखण्ड सरकार के देय राज्यांष के आधे से भी कम दे रही है ,वही विंगत 2-3वर्षो से मानदेय एवं पोषाहार मद में 6 -7, महीनों के विलम्ब से अनियमित रुप से आवंटन उपलब्ध करा रही है । फलत:हमारा आंगनबाड़ी केंद्र और घर परिवार दोनों ही उधार के खर्च से चलाना पड़ रहा है ।
3.मालूम हो कि उप निदेशक श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार के पत्रांक 2459 / दिनांक 29 / 08/ 2017 द्वारा न्यूनतम मानदेय 24000/ (चौबीस हजार रु) मात्र निर्धारित किया गया है ।इस बाद भी केंद्र प्रायोजित योजनाओं के कर्मियों को इससे कम मानदेय पर कार्य लेना श्रम कानूनों न्यूनतम वेतन अधिनियम और संविधान के समानता के अधिकारों का अवहेलना है ।
4.केंद्र सरकार के द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्तओं के विरुद्ध इसके स्थापना काल 1975 ई के बाद से 49 वर्ष बाद भी नारी समाज के कामगारों को समान काम समान वेतन नही मिल रहा।
साथ ही अनुरोध किया गया की हमारी मागों पर गम्भीरता से विचार करते हुए केन्द्रास और राज्यांष मद में समता लाते हुए नारी सम्मान के लिए न्यूनतम वेतनमान 24000/, रु मासिक , 25 लाख का बीमा और 10 लाख रु एक मुश्त रिटायरमेंट लाभ के साथ epf की कटौती और 15 हजार रु मासिक पेंशन उपलब्ध करवाने की कृपा की जाए । अन्यथा आगामी लोकसभा में सरकार के इतर मतदान करने एवम आपके आवास के समक्ष अनिश्चित कालीन धरना देने के लिए विवश होंगे।












