Assam Flood Compensation 2026: बाढ़ में फसल बर्बाद हुई तो कैसे मिलेगा मुआवजा? सरकार ने बताए पूरे नियम और प्रक्रिया
फसल सर्वे से लेकर DBT के जरिए राहत राशि तक, जानिए असम सरकार ने किसानों के लिए क्या-क्या सुविधाएं घोषित की हैं।

गुवाहाटी।
असम में इस साल आई भीषण बाढ़ ने किसानों की कमर तोड़ दी है। जोरहाट, गोलाघाट, शिवसागर और चराइदेव समेत कई जिलों में हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई, जिससे खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं। कई स्थानों पर उपजाऊ मिट्टी भी बह गई, जिससे किसानों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
इस बीच राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों और परिवारों को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के निर्देश पर फसल नुकसान का सर्वे, मुआवजा और अन्य आर्थिक सहायता की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
9 अगस्त से शुरू होगा फसल नुकसान का सर्वे
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार 9 अगस्त से सरकारी टीमें गांव-गांव और खेत-खेत जाकर बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत सर्वे करेंगी। यह सर्वे स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड (SDRF) के नियमों के तहत किया जाएगा।
सर्वे पूरा होने के बाद पात्र किसानों को फसल नुकसान के आधार पर प्रति हेक्टेयर सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
बाढ़ पीड़ित परिवारों को मिलेगी DBT के जरिए राहत
सरकार ने गंभीर रूप से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने का भी फैसला किया है।
- ₹15,000 की अंतरिम सहायता सीधे DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से बैंक खातों में भेजी जाएगी।
- शिवसागर और चराइदेव जैसे सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में 10 अगस्त तक घर नहीं लौट पाने वाले परिवारों को ₹10,000 की अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी।
किसानों को मिलेगी टैक्स और बिजली बिल से राहत
बाढ़ प्रभावित किसानों का आर्थिक बोझ कम करने के लिए सरकार ने दो बड़े फैसले लिए हैं।
- वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रभावित जिलों के किसानों से जमीन कर (Land Revenue) या लगान नहीं लिया जाएगा।
- जुलाई 2026 के लिए 300 यूनिट तक का घरेलू बिजली बिल पूरी तरह माफ किया जाएगा। यह राहत डोमेस्टिक और ‘जीवन धारा’ कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को मिलेगी।
मुआवजा पाने के लिए क्या करें किसान?
सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे अपने नुकसान की जानकारी जल्द से जल्द संबंधित अधिकारियों को दें।
मुआवजे के लिए किसान—
- अपने पटवारी, ग्राम प्रधान या कृषि विभाग के नोडल अधिकारी के पास नुकसान का विवरण दर्ज कराएं।
- आधार कार्ड
- DBT से लिंक बैंक पासबुक
- खेत के दस्तावेज (खसरा-खतौनी आदि) तैयार रखें।
बीमा दावों की प्रक्रिया भी होगी आसान
राज्य सरकार ने बीमा कंपनियों को निर्देश दिया है कि आपदा की स्थिति में किसानों से अनावश्यक दस्तावेज न मांगे जाएं। सरकार के अनुसार, वीडियो सबूत और किसान के हस्ताक्षर वाले आवेदन पत्र के आधार पर बीमा दावों का जल्द निपटारा किया जाएगा, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।
किसानों को राहत पहुंचाने पर सरकार का फोकस
असम सरकार का कहना है कि बाढ़ प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द राहत और मुआवजा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। सर्वे, DBT भुगतान, टैक्स छूट, बिजली बिल माफी और सरल बीमा प्रक्रिया के जरिए किसानों को आर्थिक संकट से उबारने का प्रयास किया जा रहा है।









