मोबाइल की लत बनी मासूम की जान की दुश्मन! होमवर्क के लिए टोका तो 7वीं के छात्र की मौत से सदमे में परिवार

सूरत की दर्दनाक घटना ने बढ़ाई चिंता, विशेषज्ञ बोले- डांट से ज्यादा जरूरी है बच्चों से संवाद

 

सूरत।

गुजरात के सूरत से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जिसने बच्चों में बढ़ती मोबाइल की लत और उनके मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वेद रोड स्थित लक्ष्मीनगर इलाके में 7वीं कक्षा के एक छात्र की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, परिजनों द्वारा मोबाइल छोड़कर पढ़ाई और होमवर्क पर ध्यान देने के लिए समझाने के बाद यह घटना हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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बताया जा रहा है कि छात्र सूरत नगर निगम के म्युनिसिपल स्कूल नंबर-331 में पढ़ता था। परिवार के अनुसार, वह लंबे समय तक मोबाइल इस्तेमाल करता था। सोमवार शाम को भी वह मोबाइल चला रहा था, जिस पर माता-पिता ने उसे पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी थी।

कुछ समय बाद जब परिजनों ने उसे नहीं देखा तो उसकी तलाश शुरू की। बाद में वह घर में अचेत अवस्था में मिला। परिवार उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।

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पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। परिजनों और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। शुरुआती जांच में मामला पारिवारिक बातचीत के बाद आवेश में उठाए गए कदम से जुड़ा माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

बढ़ती मोबाइल की लत पर विशेषज्ञों की चिंता

विशेषज्ञों का कहना है कि कम उम्र में मोबाइल, ऑनलाइन गेम और सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग बच्चों की पढ़ाई, नींद, व्यवहार और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है। ऐसे में केवल डांटने या मोबाइल छीनने के बजाय बच्चों से खुलकर बातचीत करना, स्क्रीन टाइम के स्पष्ट नियम बनाना और उनके भावनात्मक व्यवहार पर ध्यान देना अधिक जरूरी है।

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मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, यदि किसी बच्चे के व्यवहार में अचानक बदलाव, अत्यधिक चिड़चिड़ापन, तनाव या अलगाव जैसे संकेत दिखाई दें, तो समय रहते विशेषज्ञ की सलाह लेना मददगार हो सकता है।

जरूरी संदेश: यदि कोई व्यक्ति लगातार निराशा, तनाव या आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो उसे अकेला न छोड़ें। परिवार, मित्रों या किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से तुरंत संपर्क करें। समय पर मिली मदद जीवन बचा सकती है।

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