JPSC परीक्षा पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: 1 अगस्त 2022 ही रहेगी कट-ऑफ डेट, PT रिजल्ट जारी करने का रास्ता हुआ साफ

High Court's major ruling on JPSC exam: August 1, 2022, remains the cut-off date; path cleared for the release of PT results.

रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा (Combined Civil Services Examination) 2026 पर एक बड़ा अपडेट है। सिविल सर्विस एग्जाम से जुड़े बहुचर्चित कट-ऑफ डेट विवाद पर झारखंड हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुना दिया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि 1 अगस्त 2022 ही वैध कट-ऑफ तिथि रहेगी। इसके साथ ही अतिरिक्त आयु सीमा में छूट देने की मांग को अदालत ने खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा (PT) का परिणाम जारी करने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

 

कट-ऑफ डेट को दी गई थी चुनौती

दरअसल ये मामला JPSC के विज्ञापन संख्या 01/2026 से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में कट-ऑफ डेट को चुनौती देते हुए मांग की थी कि इसे 1 अगस्त 2022 के बजाय 1 अगस्त 2018 किया जाए, ताकि अधिक संख्या में ओवरएज अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिल सके।

 

अंतरिम आदेश के बाद ओवरएज अभ्यर्थियों ने दी थी परीक्षा

इस मामले में फरवरी 2026 में हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए ओवरएज अभ्यर्थियों को प्रारंभिक परीक्षा (PT) में शामिल होने की अनुमति दी थी। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि कोर्ट की अनुमति के बिना परीक्षा परिणाम जारी नहीं किया जाएगा। इसी कारण परीक्षा संपन्न होने के बावजूद पीटी का रिजल्ट लंबे समय से लंबित था।

 

सुनवाई के दौरान सरकार ने बदली थी कट-ऑफ डेट

मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने पहले निर्धारित 1 अगस्त 2026 की कट-ऑफ तिथि में संशोधन कर इसे 1 अगस्त 2022 कर दिया था। सरकार का तर्क था कि चार वर्ष की अतिरिक्त आयु सीमा की छूट पर्याप्त है। कोर्ट ने दोनो पक्षों को गंभीरता से सुना।

 

हाईकोर्ट ने कहा- कट-ऑफ तय करना सरकार का नीतिगत फैसला

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने दोहराया कि कट-ऑफ डेट निर्धारित करना राज्य सरकार का नीतिगत निर्णय है, जिसमें न्यायालय सामान्य परिस्थितियों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अदालत ने माना कि सरकार द्वारा दी गई चार वर्ष की आयु सीमा में छूट पर्याप्त है और इससे अधिक राहत देने का कोई औचित्य नहीं बनता।

 

LPA और सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत

हाईकोर्ट के पूर्व आदेश के खिलाफ दायर लेटर्स पेटेंट अपील (LPA) पहले ही खारिज की जा चुकी थी। इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन वहां दायर स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) भी खारिज हो गई थी। इन सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने अंतिम सुनवाई में सभी लंबित याचिकाओं को भी निरस्त कर दिया।

 

कोर्ट ने दिया स्पष्ट निर्देश

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि केवल 1 अगस्त 2022 की कट-ऑफ तिथि के दायरे में आने वाले अभ्यर्थियों पर ही विचार किया जाएगा। जो अभ्यर्थी इस तिथि के अनुसार अधिक आयु के हैं, उनके आवेदन निरस्त किए जाएंगे।

 

अब PT रिजल्ट जारी करने में नहीं होगी बाधा

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2026 की आगे की प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है। अब आयोग प्रारंभिक परीक्षा (PT) का परिणाम जारी कर मुख्य परीक्षा की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेगा। लंबे समय से परिणाम का इंतजार कर रहे पात्र अभ्यर्थियों को अब जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है। यह फैसला झारखंड की सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा की भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। अब आयोग न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप आगे की चयन प्रक्रिया पूरी करेगा।

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