बड़ी खबर: 7वीं मंजिल से गिरकर महिला डॉक्टर की मौत, गाजियाबाद पुलिस हर एंगल से कर रही जांच

राजनगर एक्सटेंशन की हाईराइज सोसाइटी में 40 वर्षीय मनोचिकित्सक डॉ. हेमिका अग्रवाल की पांचवीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। पुलिस पोस्टमार्टम, फोरेंसिक और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हर पहलू से जांच कर रही है।

Doctor Homika Agagrwal: मन बैचेंन हो, आत्महत्या का ख्याल आये तो लोग मनोचिकित्सक के पास जाने की सलाह देते है। लेकिन अगर खुद मनोचिकित्सक ही डिप्रेशन में चली जाये तो….? उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित एक हाईराइज सोसाइटी में सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। 40  साल की महिला डॉक्टर की सातवीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस किसी निष्कर्ष पर पहुंचे बिना हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।

 मृतका की पहचान डॉ. हेमिका अग्रवाल के रूप में

पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान डॉ. हेमिका अग्रवाल के रूप में हुई है, जो पेशे से मनोचिकित्सक (Psychiatrist) थीं। उनके पिता डॉ. आर. चंद्रा गाजियाबाद के वरिष्ठ मनोचिकित्सक हैं। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े परिवार की इस घटना ने मेडिकल जगत में भी चर्चा पैदा कर दी है।

 शुरुआती जांच में सामने आई निजी जीवन की जानकारी

घटना को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हैं। पुलिस भी हर एंगल से जांच में जुटी है। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में परिजनों ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले डॉ. हेमिका का अपने पति से तलाक हुआ था। इसके बाद से वह मानसिक तनाव और अवसाद का सामना कर रही थीं। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह केवल जांच का एक पहलू है और अभी किसी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

पुलिस हर एंगल से कर रही जांच

सहायक पुलिस आयुक्त (नंदग्राम) जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। पोस्टमार्टम, फोरेंसिक जांच और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।जांच के दौरान पुलिस यह भी पता लगा रही है कि घटना के समय महिला डॉक्टर फ्लैट में अकेली थीं या वहां कोई अन्य व्यक्ति भी मौजूद था। फिलहाल किसी सुसाइड नोट मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की भी होगी जांच

घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए पुलिस मृतका के मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

 पुलिस की अपील

पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह के निष्कर्ष या अटकलों से बचना चाहिए। सभी तथ्यों की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

अस्वीकारण :- आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। मन में इस तरह का ख्याल हो, तो अपने परिजनों से बात करें। दोस्तों से बातें करें, मनोचिकित्सक जरूर सलाह लें। जीवन अनमोल है, इसका ख्याल रखें।

Tags (Hindi-English Mix):

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

close