चंद्रयान3: लैंडिंग के बाद विक्रम ने भेजी पहली तस्वीर, ऐसा दिखता है चांद का दक्षिणी हिस्सा, जानिये अब क्या होगा आगे

बैंग्लुरू। लैंडर ‘विक्रम’ ने चांद पर पहुंचते ही अपना काम शुरू कर दिया है. विक्रम ने लैंड होते वक्त की तस्वीरें भेजी हैं. बता दें कि लैंडर और MOX-ISTRAC, बेंगलुरु के बीच संचार लिंक स्थापित कर लिया गया है. यह तस्वीरें लैंडर हॉरिजॉन्टल वेलोसिटी कैमरे से ली गई हैं। लैंडिंग इमेजर कैमरे द्वारा ली गई फोटो भी सामने आ गई है. इसमें चंद्रयान-3 की लैंडिंग साइट का एक हिस्सा दिखाया गया है. वहीं लैंडर की चांद पर उतरने के बाद उसके साथ की परछाई भी दिखाई दे रही है. चंद्रयान-3 ने चंद्रमा की सतह पर समतल क्षेत्र चुना है।

चंद्रयान का लैंडर चंद्रमा के साउथ पोल पर सफलतापूर्वक लैंड हो गया है. वहीं चंद्रयान की सफल लैंडिंग के बाद ISRO ने ट्वीट किया है. ISRO की ओर से ट्वीट किया गया, ‘भारत, मैं अपनी डेस्टिनेशन पर पहुंच गया हूं और आप भी. चंद्रयान-3 मून पर सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंड हो गया है. बधाई इंडिया’ 2008 में चंद्रयान-1 ने चांद पर पानी खोजा, 2019 में चंद्रयान-2 चांद के करीब पहुंचा, लेकिन लैंड नहीं कर पाया। 2023 में चंद्रयान-3 चांद पर लैंड कर गया। चंद्रयान-3 ने बुधवार शाम 5 बजकर 44 मिनट पर लैंडिंग प्रोसेस शुरू की। इसके बाद अगले 20 मिनट में चंद्रमा की अंतिम कक्षा से 25 किमी का सफर पूरा कर लिया। शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रयान-3 के लैंडर ने चांद पर पहला कदम रखा।

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चंद्रमा की सतह पर उतरने से पहले विक्रम लैंडर की रफ्तार कम करना भी एक चुनौती थी। इसको लेकर चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर को 125*25 किलोमीटर की ऑर्बिट में रखा गया था। इसके बाद इसे डिऑर्बिट किया गया। इसके बाद चंद्रयान-3 को जब चांद की सतह की ओर भेजा गया, तब उसकी रफ्तार छह हजार किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक थी। इसके बाद कुछ मिनट में जब उसे चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंड किया तो उसकी गति बेहद कम कर दी गई। गति को कम करने में विक्रम लैंडर पर लगे चार इंजनों का सहारा लिया गया। बाद में दो इंजनों की मदद से विक्रम को चांद की सतह पर उतार दिया गया था।

SRO के डायरेक्टर एस. सोमनाथ ने कहा- अगले 14 दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। प्रज्ञान रोवर को बाहर आने में एक दिन का भी समय लग सकता है। प्रज्ञान हमें चांद के वातावरण के बारे में जानकारी देगा। हमारे कई मिशन कतार में हैं। जल्द ही सूर्य पर आदित्य एल-1 भेजा जाएगा। गगनयान पर भी काम जारी है।

चांद पर सकुशल पहुंचने का संदेश भी चंद्रयान-3 ने भेज दिया है- मैं अपनी मंजिल पर पहुंच गया हूं। इस कामयाबी पर साउथ अफ्रीका से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई देकर कहा- चंदा मामा बहुत दूर के कहा जाता था। अब बच्चे कहेंगे कि चंदा मामा बस एक टूर के।

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