“पानी में बच्चे… टेबल पर VIP मैडम! शिक्षिका ने छात्रों से बनवाया पुल, VIDEO वायरल, शिक्षा विभाग ने हेडमास्टर-शिक्षिका दोनों को थमाया नोटिस

"Children in the water... VIP lady on the table! Teacher made students form a human bridge; video goes viral; Education Department issues notices to both the headmaster and the teacher."

Teacher News : सरकारी स्कूलों में बच्चों को शिक्षा देने की जिम्मेदारी जिन शिक्षकों पर होती है, वहीं अगर बच्चों से अपनी सुविधा के लिए काम करवाने लगें तो सवाल उठना लाजिमी है। बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय खजुरबाड़ी वार्ड-10 में ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यहां देखें वीडियो…..👇👇👇👇

बारिश के कारण स्कूल परिसर में पानी भर गया था। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय एक शिक्षिका ने खुद स्कूल में प्रवेश करने के लिए छात्रों से टेबल जोड़कर अस्थायी पुल बनवा दिया। वायरल वीडियो में बच्चे पानी के बीच टेबल लगाते नजर आ रहे हैं और शिक्षिका उसी टेबल के सहारे स्कूल के भीतर जाती दिखाई दे रही हैं। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने मौके पर ही विरोध जताया और सवाल उठाया कि “क्या बच्चे पढ़ने आते हैं या शिक्षकों की सेवा करने?”

 

बच्चों की सुरक्षा से ज्यादा अपनी सुविधा!

वीडियो में साफ दिखाई देता है कि स्कूल परिसर पूरी तरह जलमग्न है। छोटे-छोटे बच्चे जोखिम उठाकर पानी में उतर रहे हैं और टेबल खिसकाकर शिक्षिका के लिए रास्ता तैयार कर रहे हैं। यह दृश्य केवल एक शिक्षिका की संवेदनहीनता नहीं, बल्कि स्कूल प्रबंधन की लापरवाही और बच्चों की सुरक्षा के प्रति उदासीनता को भी उजागर करता है।

 

जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए थीं, उस उम्र में उनसे फर्नीचर उठवाकर रास्ता बनवाया गया। यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि कोई बच्चा पानी में फिसलकर घायल हो जाता, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता?

 

ग्रामीणों ने जताया विरोध, वीडियो हुआ वायरल

घटना के दौरान मौजूद ग्रामीणों ने शिक्षिका के इस रवैये का विरोध किया। लोगों ने मौके का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। देखते ही देखते वीडियो वायरल हो गया और मामला शिक्षा विभाग तक पहुंच गया।ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी निभाने के बजाय उनसे निजी सुविधा के लिए काम करवाना पूरी तरह अनुचित है।

DEO ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय की ओर से प्रधानाध्यापक और संबंधित शिक्षिका अफसाना परवीन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।जारी नोटिस में कहा गया है कि वायरल वीडियो में विद्यालय परिसर में जलभराव के बीच छात्रों से बेंच/टेबल लगवाकर शिक्षिका का प्रवेश कराया जाना दिखाई दे रहा है।

 

इसे अनुचित आचरण बताते हुए शिक्षा के अधिकार अधिनियम की भावना के विपरीत माना गया है।नोटिस में प्रधानाध्यापक को निर्देश दिया गया है कि शिक्षिका से स्पष्टीकरण प्राप्त कर 24 घंटे के भीतर तथ्यात्मक जवाब उपलब्ध कराएं। साथ ही यह भी पूछा गया है कि इस कृत्य के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।

 

सवाल सिर्फ एक शिक्षिका का नहीं, पूरी व्यवस्था का

यह मामला केवल एक शिक्षिका की गलती भर नहीं है। बड़ा सवाल यह है कि यदि स्कूल परिसर में इतना अधिक जलभराव था कि शिक्षिका स्वयं पैदल नहीं जा सकती थीं, तो बच्चों को उसी रास्ते से आने की अनुमति क्यों दी गई? क्या स्कूल प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई वैकल्पिक व्यवस्था की थी?ऐसे हालात में विद्यालय बंद करने, वैकल्पिक व्यवस्था बनाने या जलनिकासी सुनिश्चित करने के बजाय बच्चों को जोखिम में डालना शिक्षा व्यवस्था की गंभीर खामी को सामने लाता है।

 

अब सबकी नजर विभागीय कार्रवाई पर

फिलहाल शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अब यह देखना होगा कि जांच के बाद केवल स्पष्टीकरण लेकर मामला शांत कर दिया जाएगा या बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर वास्तविक अनुशासनात्मक कार्रवाई भी होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

close