रांची : Private School Fees Rule के तहत रांची में निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूली पर अब सख्ती शुरू हो गई है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में जिला स्तर पर एक जांच एवं निर्णय कमिटी का गठन किया गया है, जो झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के तहत काम करेगी।
इस नई व्यवस्था के बाद निजी स्कूल अब निर्धारित सीमा से अधिक फीस नहीं वसूल सकेंगे। यदि कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर 50 हजार से लेकर 2.5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। गंभीर मामलों में स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है।
Private School Fees Rule के तहत एक और बड़ा फैसला लिया गया है। अब स्कूल परिसर में किताबें, यूनिफॉर्म, जूते या अन्य सामग्री की बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी। साथ ही स्कूल किसी भी अभिभावक को किसी विशेष दुकान से सामान खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।
इस कमिटी में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधि और अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। इसमें जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला परिवहन पदाधिकारी, एक चार्टर्ड अकाउंटेंट और निजी स्कूलों के प्राचार्य सदस्य होंगे। साथ ही कुछ प्रमुख स्कूलों के अभिभावकों को भी इसमें शामिल किया गया है।
हर साल फीस में लगातार बढ़ोतरी से मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा था। ऐसे में Private School Fees Rule के लागू होने से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।