शिक्षा विभाग के ACS के फरमान से मचा हड़कंप, जहां स्टूडेंट कम, उस कॉलेज की मान्यता होगी रद्द, इस काम के लिए 22 जुलाई तक का दिया अल्टीमेटम

पटना। शिक्षा विभाग के ACS केके पाठक के एक और फरमान ने हड़कंप मचा दिया है। ACS ने दो टूक कहा है कि जिस भी कॉलेज में स्टूडेंट की संख्या कम होगी, उस कॉलेज का पंजीयन रद्द कर दिया जायेगा। कुलपतियों के साथ हुई बैठक में निर्देश दिया है कि कई जगहों पर कालेज सिर्फ कागजी तौर पर संचालित हो रहे हैं। मापदंड के बगैर और नियमों का पालन नहीं करने वाले कॉलेजों की मान्यता रद्द की जाये।
इसे लेकर एसीएस ने कुलपतियों को निर्देश दिया है। आईएएस के के पाठक ने सभी विश्वविद्यालय के कुलपतियों को यह भी निर्देश दिया है कि वे एमजेएमसी केस को निपटारा कराए। इसके लिए उन्होंने 22 जुलाई का डेडलाइन दिया। शिक्षा अपर मुख्य सचिव ने कुलपतियों को कहा है कि कोर्ट से जुड़ी एमजेएमसी केस का निपटारा अनिवार्य रूप से करें। एमजेएमसी का निपटारा नहीं किए जाने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
कागज पर स्टूडेंट्स को दिखाने वाले एफिलेटेड अल्पसंख्यक कॉलेज पर भी नकेल कसने की बात कही जा रही है। शिक्षा अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने कुलपतियों को कहा है कि सभी मान्यता प्राप्त कॉलेज के शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों का अटेंडेंस सीट दोपहर तीन बजे तक शिक्षा विभाग को भेजे। कॉलेज जहां स्टूडेंट्स की संख्या नाम मात्र की है, उनकी मान्यता रद्द की जायेंगी। आईएएस के के पाठक ने शिक्षकों की शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों उपस्थिति की जानकारी की भी मांगा की है। अटेंडेंस सीट उपलब्ध नहीं किए जाने पर कार्रवाई करने की बात कही गई है।











