गांव में हाथी की हुई मौत, तो डर से पूजा पाठ करने लगे लोग….बिजली विभाग की लापरवाही से गई गजराज की जान

रांची। करंट से हाथी की मौत हो गयी, तो दहशत में ग्रामीणों ने पूजा पाठ शुरू कर दिया। मामला तमाड़ के डिम्बूजर्दा पंचायत का है, जहां खेत में करंट की चपेट में आकर एक हाथी की मौत हो गयी। पंचायत क्षेत्र में देर रात भ्रमण के दौरान हाथी डोमन महतो के खेत में धान की फसल खाने पहुंचे, जहां खेत के बीच में झूल रहे 11 हजार वोल्ट बिजली के तार की चपेट में एक हाथी आ गया। बिजली विभाग की लापरवाही से बिजली का तार जमीन से सिर्फ आठ फीट की ऊंचाई पर झूल रहा है। गांव वालों ने हाथी के मौत की सूचना सुबह वन विभाग को दी।
इधर सूचना पर वन विभाग की टीम रेंजर के नेतृत्व में घटनास्थल पर पहुंची और हाथी के शव को कब्जे में ले लिया। इधर, बोरवाडीह-चोगाडीह गांव में करंट लगने से हाथी की मौत की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। आसपास के ग्रामीण मृत हाथी की पूजा-अर्चना करने लगे। ग्रामीणों का मानना है कि जिस गांव में हाथी की मौत होती है उस गांव में उसी दिन हाथियों का झुंड जहां मृत हाथी दफनाया जाता है। उस जगह पर काफी देर तक मौजूद रहते हैं। इस दौरान हाथियों का झुंड गांव में कोई क्षति नहीं पहुंचाए, इसलिए ग्रामीण मृत हाथी की पूजा-अर्चना करने लगे।
आपको बता दें कि बिजली विभाग की लापरवाही से कई हाथियों की अब तक मौत हो चुकी है। तमाड़ वन क्षेत्र में दो साल के अंदर करंट लगने से अब तक तीन हाथी मर चुके हैं। इससे पहले भी कुंदला खैर जंगल में एक हाथी ने करंट लगने से दम तोड़ दिया था। डेढ़ साल पहले तमाड़ के सोसोडीह गांव में बिजली तार की चपेट में आने से एक हाथी मर गया था। वहीं एक और हाथी की मौत हो गयी । हालांकि हाथियों के हमले से भी कई लोगों की मौत हो चुकी है।











