Fatty Liver Treatment: बिना दवा भी ठीक हो सकता है फैटी लिवर! जानिए डॉक्टरों के बताए 5 असरदार उपाय और सही डाइट

फैटी लिवर के शुरुआती चरण में सही डाइट, रोजाना वॉक, वजन नियंत्रण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। जानिए एक्सपर्ट्स की सलाह।

Fatty Liver Disease : आज दुनिया भर में फैटी लीवर तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल है। खराब खान-पान, मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता और अनियमित जीवनशैली के कारण फैटी लिवर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सबसे चिंता की बात यह है कि शुरुआती स्टेज में इस बीमारी के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते और अक्सर अल्ट्रासाउंड के दौरान इसका पता चलता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यदि फैटी लिवर स्टेज-1 या स्टेज-2 में है, तो अधिकतर मामलों में दवाओं के बजाय जीवनशैली और खान-पान में सुधार करके इसे काफी हद तक ठीक (रिवर्स) किया जा सकता है। हालांकि इसे लेकर काफी अनुशासित जीवन जीने की आदत डालनी पड़ेगी।

डाक्टर रूबिका मानसी बताती है कि फैटी लिवर कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। शुरुआती चरण में सही खान-पान, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण, पर्याप्त नींद और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इसे काफी हद तक नियंत्रित या रिवर्स किया जा सकता है। डाक्टर कहती है कि, यदि बीमारी बढ़ चुकी है या लिवर में सूजन या फाइब्रोसिस जैसी समस्या है, तो डॉक्टर की निगरानी में उपचार आवश्यक है।

फैटी लिवर क्यों होता है?

विशेषज्ञों के मुताबिक आधुनिक जीवनशैली इस बीमारी का सबसे बड़ा कारण है। नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) के प्रमुख कारण हैं:

• लंबे समय तक बैठे रहना और शारीरिक गतिविधि की कमी।
• फास्ट फूड, जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन।
• कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस और मीठे पेय पदार्थों का ज्यादा सेवन।
• देर रात भारी भोजन करना और तुरंत सो जाना।
• मोटापा और इंसुलिन रेजिस्टेंस।
इन कारणों से अतिरिक्त फैट धीरे-धीरे लिवर की कोशिकाओं में जमा होने लगता है, जिससे फैटी लिवर की समस्या विकसित होती है।

बिना दवा फैटी लिवर ठीक करने के 5 आसान उपाय

1. चीनी और मीठे पेय पदार्थों से दूरी बनाएं
कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस, मिठाई, बिस्कुट और बेकरी उत्पादों में मौजूद फ्रक्टोज लिवर में फैट बढ़ाता है। चीनी का सेवन कम करने से लिवर एंजाइम (SGOT और SGPT) में सुधार देखने को मिल सकता है।

2. रोज 30 मिनट तेज चलें
सप्ताह में कम से कम 5–6 दिन 30 मिनट ब्रिस्क वॉक करें। इसके साथ योग, स्क्वैट्स और हल्की एक्सरसाइज भी फायदेमंद होती है। इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस कम होता है और लिवर पर दबाव घटता है।

3. पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करें
हर रात 7–8 घंटे की अच्छी नींद लें। तनाव कम रखने के लिए योग, ध्यान (Meditation) और स्क्रीन टाइम कम करना भी जरूरी है।

4. वजन धीरे-धीरे कम करें
यदि वजन अधिक है, तो कुल वजन का 7–10 प्रतिशत कम करने से फैटी लिवर में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है। हालांकि क्रैश डाइट से बचें, क्योंकि इससे लिवर पर उल्टा असर पड़ सकता है।

5. शराब से पूरी तरह परहेज करें
अगर आपको फैटी लिवर है, तो शराब का सेवन लिवर की रिकवरी को धीमा कर सकता है। बेहतर होगा कि अल्कोहल से पूरी तरह दूरी बनाए रखें।

फैटी लिवर में क्या खाएं?

• हरी पत्तेदार सब्जियां
• मौसमी ताजे फल
• ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस और अन्य साबुत अनाज
• दालें और लो-फैट प्रोटीन
• पर्याप्त मात्रा में पानी

किन चीजों से बचें?

• तला-भुना भोजन
• फास्ट फूड और जंक फूड
• मैदा से बनी चीजें
• चिप्स, नमकीन और प्रोसेस्ड स्नैक्स
• कोल्ड ड्रिंक और मीठे पेय पदार्थ

कब डॉक्टर से जरूर मिलें?

यदि आपको लगातार थकान, पेट के दाहिने हिस्से में दर्द, लिवर एंजाइम बढ़े हुए हों या अल्ट्रासाउंड में फैटी लिवर की पुष्टि हुई हो, तो गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट या लिवर विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा या सप्लीमेंट शुरू न करें।

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