Menopause Health Tips: मेनोपॉज के बाद महिलाओं को किन जांचों की जरूरत? जानिए एक्सपर्ट की सलाह
मेनोपॉज के बाद महिलाओं को हड्डियों, हृदय, हार्मोन और मानसिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए। जानिए कौन-कौन सी जांच जरूरी हैं और स्वस्थ रहने के लिए एक्सपर्ट क्या सलाह देते हैं।Menopause Health Tips Menopause Care Women Health After 50 Menopause Symptoms Osteoporosis in Women Menopause Checkup Hormone Replacement Therapy Menopause Hindi News Women's Health Tips Menopause Lifestyle Changes

Menopause Health Tips: मेनोपॉज को लेकर आज भी कई तरह की भ्रांतियां है। बहुत-सी महिलाएं सोचती हैं कि अब उन्हें गायनेकोलॉजिस्ट (महिला रोग विशेषज्ञ) के पास जाने की जरूरत नहीं है। लेकिन ऐसा नहीं है, डॉ. सुतापा सेन का कहना है कि मेनोपॉज के बाद हर महिला को साल में कम से कम एक बार डॉक्टर से जरूर जांच करानी चाहिए।
इस दौरान हड्डियों की मजबूती, कैल्शियम और विटामिन D का स्तर, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की जांच करवानी चाहिए। साथ ही नियमित व्यायाम भी करना चाहिए, देखा जाए तो मेनोपॉज के बाद सेहत का बेहतर ख्याल रखने की ज्यादा जरूरत होती है। बताया जाता है कि 50 की उम्र के बाद मेनोपॉज हो जाता है। इस आर्टिकल में एक्सपर्ट जानें आखिर मेनोपॉज क्यों होता है?
साथ ही सेहत से जुड़ी किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए.हड्डियों और दिल का रखें ध्यान
डॉ. सुतापा सेन (स्त्री रोग विशेषज्ञ) कहती हैं कि मेनोपॉज के बाद शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन कम हो जाता है। यह हार्मोन हड्डियों और दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके कम होने से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। भारत में हर तीन में से लगभग एक महिला मेनोपॉज के बाद ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों की कमजोरी) की समस्या से प्रभावित हो सकती है. इसलिए समय-समय पर हड्डियों की जांच कराना जरूरी है।
हार्मोन थेरेपी हर किसी के लिए नहीं
कुछ महिलाओं को हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) दी जाती है, लेकिन यह हर महिला के लिए सही नहीं होती. इसे शुरू करने से पहले डॉक्टर महिला की पूरी स्वास्थ्य स्थिति और जोखिमों का आकलन करते हैं. अगर HRT नहीं ली जा सकती, तो भी हॉट फ्लैश जैसी परेशानियों को कम किया जा सकता है. इसके लिए-
- अच्छी नींद लें.
- कमरे को ठंडा रखें.
- रात में भारी खाना न खाएं.
- चाय और कॉफी कम पिएं.
- रोज एक ही समय पर सोने और उठने की आदत बनाएं.
ध्यान रखें ये चीज
मेनोपॉज के बाद योनि में सूखापन, पेशाब से जुड़ी दिक्कतें, हंसने या खांसने पर पेशाब निकल जाना और संबंध बनाते समय दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इन परेशानियों के लिए वैजाइनल मॉइस्चराइजर और कुछ विशेष दवाएं उपलब्ध हैं, जो आराम दिला सकती हैं. इसलिए चुपचाप सहन करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
मेंटल हेल्थ का भी रखें ध्यान
मेनोपॉज के दौरान शरीर में होने वाले बदलाव महिलाओं के मूड और भावनाओं को भी प्रभावित कर सकते हैं. ऐसे समय में परिवार का सहयोग और सही सलाह बहुत मददगार होती है. याद रखें, मेनोपॉज जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक नया अध्याय है. नियमित जांच, स्वस्थ जीवनशैली और सही देखभाल से इस दौर को स्वस्थ और खुशहाल बनाया जा सकता है।








