Heart Attack in Summer: गर्मी में क्यों बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा? जानिए बचाव के आसान उपाय, इन लक्षणों पर तुरंत हो जायें सतर्क
क्या गर्मी में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है? जानिए डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और बढ़ते तापमान का दिल पर क्या असर पड़ता है। पढ़ें डॉक्टरों की सलाह और हार्ट को सुरक्षित रखने के जरूरी उपाय।

Health News: आमतौर पर लोग मानते हैं कि हार्ट अटैक के मामले सर्दियों में अधिक सामने आते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि भीषण गर्मी भी दिल के लिए उतनी ही खतरनाक हो सकती है। अप्रैल से शुरू होने वाली तेज गर्मी मई और जून में और अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में दिल के मरीजों और हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज जैसी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए विशेष सावधानी बरतना जरूरी हो जाता है। ऐसे में लोगों को असहज महसूस होने पर तुरंत ही डाक्टर की सलाह लेनी चाहिये।
विशेषज्ञों के मुताबिक गरमी के मौसम में हिटवेब के दौरान भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। क्योंकि गरमी के मौसम में काफी सारे हार्ट अटैक के लक्षण लोगों को समझ में नहीं आते हैं। डॉक्टरों के अनुसार गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन जैसी समस्याएं हार्ट पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं, जिससे हार्ट अटैक और अन्य हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है।
गर्मी का दिल पर कैसे पड़ता है असर?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि गर्म मौसम में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए हृदय को सामान्य से अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इससे दिल की धड़कन तेज हो सकती है और हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।अत्यधिक पसीना निकलने से शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो जाती है, जिससे रक्त की मात्रा कम होने लगती है। ऐसी स्थिति में शरीर के विभिन्न अंगों तक पर्याप्त रक्त पहुंचाने के लिए दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
इसके अलावा अधिक पसीना निकलने से शरीर में सोडियम और पोटेशियम जैसे आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। इससे दिल की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी प्रभावित होती है और धड़कन अनियमित (अरिदमिया) होने का खतरा बढ़ जाता है।
गर्मी में बढ़ सकता है इन हृदय रोगों का खतरा
विशेषज्ञों के मुताबिक अत्यधिक गर्मी के दौरान निम्न समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है—
* हार्ट अटैक
* अनियमित धड़कन (Arrhythmia)
* हाई या लो ब्लड प्रेशर
* हार्ट फेल्योर की स्थिति बिगड़ना
* हीट स्ट्रोक
* डिहाइड्रेशन से जुड़ी हृदय संबंधी समस्याएं
जो लोग पहले से हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप या मोटापे से पीड़ित हैं, उन्हें विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
गर्मी में दिल को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये उपाय
1. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी है। दिनभर पर्याप्त पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें।
2. दोपहर की तेज धूप से बचें
दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। यदि जरूरी हो तो छाता, टोपी या गमछे का इस्तेमाल करें।
3. हल्के और सूती कपड़े पहनें
ढीले और सूती कपड़े शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं और पसीने को आसानी से सोख लेते हैं।
4. अधिक मेहनत वाले कार्यों से बचें
तेज धूप में भारी शारीरिक श्रम, दौड़ना या कठिन व्यायाम करने से बचें।
5. डॉक्टर की सलाह से करें व्यायाम
यदि आप किसी नई एक्सरसाइज या फिटनेस रूटीन की शुरुआत करना चाहते हैं, तो पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
6. कैफीन और शराब का सेवन सीमित करें
अधिक चाय, कॉफी और शराब शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकती है। इसलिए इनका सेवन सीमित मात्रा में करें।
7. हल्का और संतुलित भोजन करें
गर्मी के मौसम में ताजा, हल्का और पौष्टिक भोजन करें। अत्यधिक मसालेदार, तला-भुना या बहुत गर्म भोजन से बचें।
किन लक्षणों को न करें नजरअंदाज?
यदि गर्मी के दौरान आपको सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, अत्यधिक कमजोरी, चक्कर आना, अनियमित धड़कन या अत्यधिक पसीना आने जैसी समस्या महसूस हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।गर्मी का मौसम केवल हीट स्ट्रोक ही नहीं, बल्कि दिल से जुड़ी गंभीर समस्याओं का भी कारण बन सकता है। इसलिए हाइड्रेटेड रहना, संतुलित आहार लेना और धूप से बचाव करना हृदय को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी है। विशेष रूप से हृदय रोगियों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।









