ब्रेकिंग: गैस लीक से भीषण हादसा, 7 लोगों की गयी जान, 45 से ज्यादा की हालत गंभीर, अमोनिया गैस लीक होने से मचा हड़कंप

Breaking: Major accident due to gas leak; 7 dead, over 45 in critical condition; ammonia gas leak sparks panic.

Big Breaking News : अमोनिया गैस लीक से एक बड़ा हादसा हो गया है। अब तक सात लोगों की मौत हो गयी है, जबकि कईयों की हालत गंभीर है। ये पूरी घटना तमिलनाडु के तिरुवल्लूर की है। तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में रविवार को एक झींगा (सीफूड) एक्सपोर्ट फैक्ट्री में अमोनिया गैस रिसाव की बड़ी घटना सामने आई।

इस हादसे में 7 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 60 से अधिक कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है।घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। प्रशासन, पुलिस और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गईं।

 

दोपहर में अचानक फैली जहरीली गैस

मिली जानकारी के मुताबिक, तिरुवल्लूर जिले के पेरियापालयम के पास कन्निगापैर क्षेत्र में स्थित सेंट पीटर्स एंड पॉल सीफूड्स एक्सपोर्ट्स फैक्ट्री में रविवार दोपहर करीब 1 बजे अचानक अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया।फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूरों को पहले सांस लेने में दिक्कत हुई और देखते ही देखते कई कर्मचारी बेहोश होकर गिरने लगे। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारियों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया।

 

67 कर्मचारियों को अस्पताल में कराया गया भर्ती

तिरुवल्लूर की जिला कलेक्टर एस. कविता के अनुसार गैस रिसाव की घटना में कुल 67 कर्मचारी प्रभावित हुए।

• 46 कर्मचारियों को वेल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।

• 21 कर्मचारियों को वेंकटेश्वरा अस्पताल भेजा गया।

अस्पताल सूत्रों के मुताबिक इलाज के दौरान 7 मजदूरों ने दम तोड़ दिया, जबकि कई अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है।

 

गंभीर मरीजों को चेन्नई रेफर किया गया

घटना में गंभीर रूप से प्रभावित 9 कर्मचारियों को बेहतर उपचार के लिए चेन्नई के सरकारी स्टेनली मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है ताकि प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

 

NDRF की टीम मौके पर पहुंची

हादसे की सूचना मिलते ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) को सक्रिय कर दिया गया। अरक्कोनम स्थित NDRF की चौथी बटालियन को अलर्ट किया गया, जिसके बाद 30 सदस्यीय विशेष टीम घटनास्थल पर पहुंची।

 

अमोनिया गैस क्यों होती है खतरनाक?

अमोनिया गैस का उपयोग कोल्ड स्टोरेज, सीफूड प्रोसेसिंग और औद्योगिक इकाइयों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। अधिक मात्रा में इसके संपर्क में आने पर:

• सांस लेने में परेशानी

• आंखों और त्वचा में जलन

• फेफड़ों को नुकसान

• बेहोशी

• और गंभीर मामलों में मौत तक हो सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

close