झारखंड- बिजली गिरने से 8 की मौत: बारिश-आंधी के साथ वज्रपात का कहर, झारखंड में 24 घंटे में 2 महिला व एक बच्चा सहित 8 की मौत
Jharkhand – 8 dead due to lightning strikes: Amidst rain and storms, lightning wreaks havoc; 8 people—including two women and a child—died in Jharkhand within 24 hours.

रांची। झारखंड में मानसूनी गतिविधियों के बीच आकाशीय बिजली जगह जगह कहर बरपा रही है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान हुए वज्रपात की घटनाओं में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक मृतकों में दो महिलाएं और एक दो वर्षीय मासूम बच्चा भी शामिल है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने लोगों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक अनुसार, राज्य के छह जिलों से वज्रपात से मौत के मामले सामने आए हैं। सबसे अधिक प्रभावित हजारीबाग जिला रहा, जहां बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की जान चली गई।
छह जिलों में गिरी आकाशीय बिजली
बताया जा रहा है कि हजारीबाग के अलावा पलामू, लोहरदगा, रामगढ़, पश्चिमी सिंहभूम और गोड्डा जिलों में भी वज्रपात की घटनाएं दर्ज की गईं। इन जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। प्रशासन द्वारा संबंधित क्षेत्रों में राहत और सहायता कार्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पिछले 24 घंटों के भीतर राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुई इन घटनाओं में कुल आठ लोगों की मौत दर्ज की गई है।
मौसम विभाग की चेतावनी
लगातार बदलते मौसम और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और ऊंचे स्थानों पर बारिश के दौरान खड़े होने से बचने की अपील की गई है।
हर साल जानलेवा बनता है वज्रपात
झारखंड में मानसून के दौरान वज्रपात की घटनाएं हर साल बड़ी संख्या में लोगों की जान लेती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन कर और सावधानी बरतकर ऐसी घटनाओं से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।









