पहली बार बिना प्रश्नकाल का होगा मानसून सत्र, विपक्ष ने तैयार की पूरी रणनीति,तैयारी के साथ सत्र में आने का निर्देश…

रांची झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार 29 जुलाई से शुरू हो रहा है 6 कार्य दिवस वाले इस सत्र में विपक्ष ने सरकार को घेरने की पूरी रणनीति तैयार की है। सुखाड़ से लेकर अन्य ऐसे कई मुद्दे हैं जिन पर विपक्ष सरकार को घेरने में जुट गया है। पहली बार मानसून सत्र में मुख्यमंत्री के प्रश्नकाल के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है।

सरकार को घेरने में जुटा है विपक्ष

विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर भाजपा विधायक दल की बैठक गुरुवार को हुई थी विधानसभा में सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई। विपक्षी विधायकों ने राज्य के ज्वलंत एजेंडे पर चर्चा की। सत्ताधारी यूपीए भी विपक्ष के सवालों के जवाब लेकर तैयारी कर रहा है मंत्रियों को पूरी तैयारी के साथ सदन में आने को कहा गया 5 अगस्त को मानसून सत्र की कार्यवाही समाप्त होगी ।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

पहली बार सत्र में नहीं होगा मुख्यमंत्री का प्रश्नकाल

पहली बार सदन में मुख्यमंत्री का प्रश्नकाल नहीं होगा। बजट सत्र के बाद मुख्यमंत्री प्रश्नकाल के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है। छह कार्य दिवस वाले इस सत्र में 2 अगस्त को वित्तीय वर्ष 2022- 23 का पहला अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। झारखंड में सुखाड़ की स्थिति को देखते हुए मॉनसून सत्र में सुखाड़ पर विशेष चर्चा होगी। बजट सत्र के बाद मुख्यमंत्री प्रश्नकाल के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है। 5 अगस्त को मानसून सत्र की कार्यवाही समाप्त होगी।

क्या होता है प्रश्नकाल

विधायक सदन में सवाल पूछते हैं। विधायक अपने क्षेत्र, राज्य, समसामयिक विषयों से जुड़े सवाल प्रश्नकाल में करते हैं। प्रश्नकाल में 3 तरह के सवाल पूछे जाते हैं प्रश्नकाल में तारांकित प्रश्न अल्पसूचित प्रश्न और ध्यानाकर्षण तीन तरह के सवाल पूछे जाते हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Related Articles

close