“जूनियर इंजीनियर बादशाह हो गये हैं क्या? जो जज की बात भी नहीं सुनते”….. एक ही जगह वर्षों से जमे इंजीनियरों को लेकर हाईकोर्ट ने जतायी नाराजगी…पूछा, क्यों नहीं होता इनका तबादला

रांची। “प्रतीत होता है कि कनीय अभियंता बादशाह हो गए हैं जो जिला जज की बात भी नहीं सुन रहे हैं”… एक ही जगह पर वर्षों से जमे इंजीनियरों के मामले में हाईकोर्ट ने तीखी नाराजगी जतायी है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डा. रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की बेंच ने छह साल से एक ही स्थान पर कई अभियंताओं के जमे रहने पर नाराजगी जतायी। पिछली सुनवाई को अदालत में भवन निर्माण सचिव को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था। जिसके आलोक में वे कोर्ट में हाजिर भी हुए।

अदालत ने मौखिक रूप से अदालत में हाजिर हुए भवन निर्माण सचिव से कहा प्रतीत होता है कि कनीय अभियंता बादशाह हो गए हैं जो जिला जज की बात भी नहीं सुन रहे हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने सचिव से पूछा कि घाटशिला के प्रधान जिला जज ने एक कनीय अभियंता के खिलाफ शिकायत की थी तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं की गई। भवन निर्माण सचिव की ओर से बताया गया उस अभियंता का ट्रांसफर कर दिया गया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि जब हाई कोर्ट ने मामले में सख्ती दिखाई तब कार्रवाई की गई है। चार माह पहले अभियंता के खिलाफ शिकायत की गई थी लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई करने में इतना समय क्यों लग गया।

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आपको बता दें कि झारखंड हाईकोर्ट अदालतों की सुरक्षा को लेकर अधिवक्ता हेमंत कुमार सिकरवार ने याचिका दायर की है। इस मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पिछली सुनवाई में भवन निर्माण सचिव को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था। सचिव कोर्ट में हाजिर भी हुए। कोर्ट ने पूछा कि अभियंताओं के लंबे समय से एक ही जगह जमे रहने के पीछे की मंशा क्या है। अदालत ने नौ दिसंबर तक विभाग की ओर से ट्रांसफर और कार्यवाही की जानकारी सचिव को देने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने पूछा कि तीन साल बाद अभियंताओं का ट्रांसफर क्यों नहीं किया जा रहा है। भवन निर्माण सचिव ने अदालत को बताया कि कई अभियंताओं का ट्रांसफर किया जा रहा है। इस पर अदालत ने सचिव से पूछा कि जमशेदपुर, गिरिडीह और घाटशिला के उन अभियंताओं पर क्या कार्रवाई की गई है जिन्होंने जिला जज की बात नहीं मानी और अदालत भवन के निरीक्षण में शामिल नहीं हुए। अदालत को बताया गया कि ट्रांसफर करने से मैन पावर की कमी होती है। जवाब पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ट्रांसफर के बाद नए लोग भी तो उस पद आते हैं ऐसे में मैन पावर की कमी कैसे हो सकती है।

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