Helicopter Crash: अरामको का हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार, 14 लोगों की मौत, जांच शुरू
Helicopter Crash: Aramco helicopter crashes, 14 killed; investigation underway.

Helicopter Crash । हेलीकाप्टर क्रैश होने की खबर आ रही है। अभी तक की जानकारी के मुताबिक इस विमान हादसे में 14 लोगों की मौत हो चुकी है। रेस्क्यू का काम अभी भी जारी है। ये घटना सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत स्थित रास तनुरा में घटी है। दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको (Saudi Aramco) का एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार 14 लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
रास तनुरा में हुआ हादसा
मिली जानकारी के मुताबिक, हेलिकॉप्टर सऊदी अरामको के परिचालन कार्यों में लगा हुआ था। उड़ान के दौरान यह रास तनुरा क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।सऊदी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी 14 लोग सऊदी नागरिक थे। हालांकि मृतकों की पहचान और हेलिकॉप्टर में सवार अन्य तकनीकी जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है।
हादसे की वजह तलाशने में जुटी जांच एजेंसियां
हादसे के तुरंत बाद संबंधित एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल तकनीकी खराबी, मौसम या अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है।सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि मृतकों की आत्मा की शांति और उनके परिवारों को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की गई है।
दुनिया के सबसे अहम तेल केंद्रों में शामिल है रास तनुरा
रास तनुरा सऊदी अरब का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्र माना जाता है। यहां पश्चिम एशिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरियों में से एक स्थित है। इसके अलावा यह दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल निर्यात टर्मिनलों में भी शामिल है। ऐसे में इस क्षेत्र में हुआ यह हादसा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।
60 से अधिक विमानों का संचालन करती है अरामको
सऊदी अरामको वर्ष 1934 से अपने परिचालन कार्यों में विमान सेवाओं का उपयोग कर रही है। वर्ष 2023 में कंपनी के एविएशन डिवीजन को अलग सहायक इकाई बनाकर उसका नाम अलौला एविएशन (Aloula Aviation) रखा गया। वर्तमान में यह इकाई 60 से अधिक विमान और हेलिकॉप्टर संचालित करती है, जिनका उपयोग ऑफशोर ऑपरेशन, मेडिकल इवैक्यूएशन और लॉजिस्टिक्स सेवाओं में किया जाता है।









