झारखंड-बर्खास्तगी न्यूज : शिक्षिका, वार्डन व रसोईया पर बर्खास्तगी एक्शन, 100 छात्राओं के बीमार होने मामले में बड़ा एक्शन, डीसी ने अस्पताल पहुंचकर…
Jharkhand Dismissal News: Dismissal action taken against a teacher, warden, and cook following the incident where 100 female students fell ill; major move taken—the Deputy Commissioner visited the hospital...

गढ़वा। झारखंड के गढ़वा जिले के खरौंधी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में 100 से अधिक छात्राओं के अचानक बीमार पड़ने के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर विद्यालय की वार्डन, शिक्षिका और रसोइया को तत्काल कार्यमुक्त कर उनके विरुद्ध बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।इसके साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए संयुक्त जांच दल का गठन किया गया है, जिसे 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रथम दृष्टया लापरवाही प्रमाणित होने पर वार्डन, पूर्णकालिक शिक्षिका एवं रसोईया को कार्यमुक्त कर बर्खास्तगी की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। साथ ही 24 घंटे में प्रतिवेदन सौंपने के निर्देश के साथ संयुक्त जांच दल का गठन किया गया है।(2/2) pic.twitter.com/p6EwlosWSU
— DC GARHWA (@dc_garhwa) June 27, 2026
उपायुक्त ने अस्पताल पहुंचकर छात्राओं का जाना हाल
शनिवार को उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और भर्ती छात्राओं से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।उन्होंने चिकित्सकों को सभी छात्राओं का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि फिलहाल सभी छात्राएं सुरक्षित हैं और उनकी तबीयत में लगातार सुधार हो रहा है। उपायुक्त ने कहा कि चिकित्सकों और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।
भोजन के बाद गर्म पानी पीने पर बिगड़ी तबीयत
प्रशासन के अनुसार, शुक्रवार रात विद्यालय की 100 से अधिक छात्राओं की तबीयत अचानक खराब हो गई थी।अस्पताल में भर्ती छात्राओं ने बताया कि रात का भोजन करने के बाद उन्होंने विद्यालय की टंकी का गर्म पानी पिया था। इसके कुछ देर बाद उन्हें पेट दर्द, उल्टी और सिरदर्द की शिकायत होने लगी।इलाज के बाद अधिकांश छात्राओं की हालत अब सामान्य है। केवल कुछ छात्राओं को हल्का सिरदर्द है, जिनका इलाज जारी है।
अधिकांश छात्राओं को अस्पताल से मिली छुट्टी
जिला प्रशासन ने बताया कि सभी छात्राओं को तत्काल भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाकर उपचार कराया गया।प्राथमिक उपचार के बाद अधिकांश छात्राओं को शुक्रवार रात ही स्वस्थ होने पर उनके अभिभावकों के साथ घर भेज दिया गया। कुछ छात्राओं को एहतियातन चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है, जिन्हें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी मिलने की संभावना है।
रातभर अलर्ट रही मेडिकल टीम
घटना की सूचना मिलते ही उपायुक्त ने सिविल सर्जन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए थे।इसके बाद भवनाथपुर सीएचसी और नगर ऊंटारी अनुमंडलीय अस्पताल की मेडिकल टीम पूरी रात उपचार और निगरानी में जुटी रही।
छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : उपायुक्त
अस्पताल निरीक्षण के दौरान उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने कहा कि आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं का स्वास्थ्य, सुरक्षा और बेहतर आवासीय व्यवस्था जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि किसी भी छात्रा को पूरी तरह स्वस्थ हुए बिना डिस्चार्ज नहीं किया जाए।
24 घंटे में जांच रिपोर्ट देगी संयुक्त टीम
प्रशासन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए संयुक्त जांच दल गठित किया है।जांच टीम को 24 घंटे के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।









