Ranchi POCSO Court: दो नाबालिग बहनों से गैंगरेप मामले में दोषी को उम्रकैद, 50 हजार का जुर्माना, कोर्ट ने कहा, पूरी जिंदगी जेल में रहना होगा

रांची की पॉक्सो अदालत ने दो नाबालिग बहनों से सामूहिक दुष्कर्म मामले में आरोपी सुशील उरांव को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। फैसला पुलिस जांच और साक्ष्यों के आधार पर दिया गया।

रांची। राजधानी रांची की विशेष पॉक्सो अदालत ने रेप के आरोपी को सजा सुनायी है। दो साल तक चली सुनवाई के बाद अब कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनायी है। दो नाबालिग मौसेरी बहनों के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में ये फैसला सुनाया गया है। पोक्सो के विशेष न्यायाधीश बी.के. श्रीवास्तव की अदालत ने आरोपी सुशील उरांव को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि दोषी को पूरा जीवन जेल में बिताना होगा।इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सुशील उरांव घटना के बाद 24 अप्रैल 2024 से न्यायिक हिरासत में है।

दो नाबालिग आरोपियों का मामला जेजे बोर्ड में लंबित

कोर्ट में अभियोजन के अनुसार, इस मामले में कुल तीन आरोपी थे। इनमें से दो आरोपी घटना के समय नाबालिग थे। उनके खिलाफ मामला किशोर न्याय बोर्ड (JJ Board) में विचाराधीन है, जबकि बालिग आरोपी सुशील उरांव के खिलाफ पॉक्सो अदालत में सुनवाई हुई।

मेला देखकर लौटते समय हुई थी वारदात

इस प्रकरण में अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के अनुसार यह घटना 17 अप्रैल 2024 की है। दोनों नाबालिग मौसेरी बहनें चान्हो थाना क्षेत्र के हूंटार गांव में आयोजित मेले में गई थीं। मेला समाप्त होने के बाद वे दो नाबालिग युवकों के साथ एक ही मोटरसाइकिल से घर लौट रही थीं। रास्ते में दोनों नाबालिग आरोपियों ने उन्हें बहला-फुसलाकर अपने घर ले गए। जब दोनों बहनों ने घर जाने की बात कही तो उन्हें कुछ देर बाद छोड़ने का भरोसा दिया गया।

इसके बाद दोनों नाबालिग आरोपियों ने उनके साथ दुष्कर्म किया।अभियोजन के मुताबिक, घटना के दौरान आरोपियों ने अपने साथी सुशील उरांव को भी बुलाया, जिसने एक नाबालिग पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया।

पीड़िता की सूचना पर शुरू हुई पुलिस कार्रवाई

घटना के बाद एक पीड़िता किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलकर अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की।दूसरी पीड़िता को आरोपियों ने अगले दिन सुबह बीजुपाड़ा-खलारी रोड स्थित जंगल के पास छोड़ दिया था, जहां से उसे बरामद किया गया।

साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला

मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य, पीड़िताओं के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत किए। अभियोजन पक्ष ने गवाहों के माध्यम से आरोपों को साबित किया।उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने सुशील उरांव को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।

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