झारखंड में परिसीमन पर राजनीति हुई तेज, 2 अगस्त को होगा आदिवासी महा जुटान, बंधु तिर्की बोले- भाजपा का ‘हिडन एजेंडा’ नहीं होने देंगे सफल
Politics over delimitation intensifies in Jharkhand; a massive tribal gathering is scheduled for August 2. Bandhu Tirkey declares they will not allow the BJP's 'hidden agenda' to succeed.

रांची। झारखंड में परिसीमन (Delimitation) को लेकर राजनीति गरमा जाती जा रही है। राजनीतिक आक्रोश अब सड़कों पर भी दिखाई देने वाली है। कांग्रेस नेता बंधु तिर्की ने 2 अगस्त को परिसीमन के विरोध में आदिवासी महा जुटान रैली आयोजित करने की घोषणा की है। उनका दावा है कि इस रैली में लाखों लोग शामिल होंगे और आदिवासी समुदाय की राजनीतिक हिस्सेदारी को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा।
कांग्रेस नेता बंधु तिर्की ने आरोप लगाया कि परिसीमन के बहाने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आदिवासी आरक्षित सीटों की संख्या कम करना चाहती है। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई परिसीमन की संवैधानिक प्रक्रिया के खिलाफ नहीं, बल्कि भाजपा के कथित “हिडन एजेंडे” के खिलाफ है।
राहुल गांधी और राज्यपाल से करेंगे मुलाकात
इस मामले में कांग्रेस नेता ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर जल्द ही कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मुलाकात की जाएगी और उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा झारखंड के राज्यपाल से भी मिलकर ज्ञापन सौंपा जाएगा, ताकि आदिवासी समाज की चिंताओं से उन्हें अवगत कराया जा सके।
ऑल पार्टी मीटिंग में JMM और RJD पर साधा निशाना
परिसीमन के मुद्दे पर रणनीति बनाने के लिए रविवार को बुलाई गई ऑल पार्टी मीटिंग का जिक्र करते हुए बंधु तिर्की ने कहा कि बैठक में कांग्रेस और वामपंथी दलों ने हिस्सा लिया, लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई।उन्होंने कहा कि परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर आदिवासी समाज की आवाज उठानी चाहिए।
2 अगस्त की रैली में शामिल होने की अपील
बंधु तिर्की ने राज्यभर के लोगों, विशेषकर आदिवासी समाज से 2 अगस्त को प्रस्तावित आदिवासी महा जुटान रैली में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह रैली आदिवासी अधिकारों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण होगी। माना जा रहा है कि इस रैली के बाद राजनीतिक सरगर्मियां और तेज होगी। आपको बता दें कि परिसीमन को लेकर पहले से ही सरगर्मियां झारखंड में तेज है। अब आक्रोश रैली के आह्वान के बाद ये मुद्दा और भी गरमा सकता है।









