आज स्कूलों से शिक्षक मिले गायब, तो होंगे तुरंत सस्पेंड, शिक्षा विभाग के ACS के फरमान से मचा हड़कंप, जानिये क्यों जारी किया गया है ये आदेश

पटना। चर्चित ACS केके पाठक के एक फरमान ने शिक्षकों में हड़कंप मचा दिया है। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों के लिए केके पाठक ने आदेश दिया है कि अगर शिक्षक स्कूलों से गायब मिलते हैं, तो तुरंत उन्हें सस्पेंड किया जाये। अपर मुख्य सचिव ने शिक्षकों पर कार्रवाई के लिए एक बार फिर पत्र जारी किया है। सभी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति की जांच का निर्देश उन्होंने एडीएम और जिला पदाधिकारियों को दिया है। वही स्कूल से गायब रहने वाले शिक्षकों को सस्पेंड करने का आदेश केके पाठक ने दिया है।

वही शिक्षकों को भड़काने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का भी आदेश दिया है। आपको बता दें कि शिक्षकों के तमाम मुद्दे को लेकर आज भाजपा पटना के गांधी मैदान से विधानसभा तक मार्च करेगी। इस मार्च में बीजेपी के सांसदों-विधायकों के साथ-साथ तमाम शिक्षक संघ के नेता, शिक्षक अभ्यर्थी, नियोजित शिक्षक शामिल होंगे। ऐसे में सियासी मार्च में शिक्षक इसका हिस्सा न बने इसलिए शिक्षा विभाग की ओर से चिट्ठी जारी की गई है।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

साथ ही जो शिक्षक अन्य लोगों को भड़काने का काम कर रहे हैं। उनके विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज की जाएगी।आपको बता दें हाल ही में शिक्षक भर्ती नियमावली में बदलाव और डोमिसाइल नीतित को हटान को लेकर शिक्षक अभ्यर्थियों ने पटना में प्रदर्शन किया था। जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। जिसमें कई छात्र चोटिल हुए थे। जिसे बीजेपी ने नीतीश सरकार की गुंडागर्दी करार दिया था। और 13 जुलाई को विधानसभा मार्च का ऐलान किया था।

इससे पहले 11 जुलाई को शिक्षक संघ के पदाधिकारियों और स्कूलों के शिक्षकों ने प्रदर्शन किया था। जिसके बाद नई शिक्षक भर्ती नियमावली के रहे विरोध के बीच सीएम नीतीश कुमार ने इसकी समीक्षा का आश्वासन दिया है। इधर बिहार प्रारंभिक नगर पंचायत शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रमोद कुमार ने कहा कि सरकार को और मुख्यमंत्री को पहले से जानकारी दे दी गई थी कि 11 और 12 जुलाई को शिक्षक प्रदर्शन करेंगे।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

11 को धरना देंगे और 12 जुलाई को डेरा डालो घेरा डालो अभियान के तहत विधायकों और विधान पार्षदों के आवास में जुटान करेंगे. वह सरकार से अपील करेंगे कि ऐसे तुगलकी फरमान को रद्द करें अन्यथा अगर किसी शिक्षक पर कार्रवाई होती है तो शिक्षक उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे. विद्यालयों में तालाबंदी भी की जाएगी।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

Related Articles

close