इंटरनेट यूज़र्स में रिकॉर्ड उछाल, लेकिन मोबाइल यूजर्स घटे! टेलीकॉम कंपनियों ने कमाई का नया इतिहास रचा – जानें पूरी रिपोर्ट

नई दिल्ली। भारत में डिजिटल क्रांति अब सिर्फ नारा नहीं, हकीकत बन चुकी है। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की हालिया Q4FY25 रिपोर्ट के अनुसार, देश में इंटरनेट यूज़र्स की संख्या हर साल नया मुकाम छू रही है — लेकिन एक चौंकाने वाला ट्रेंड भी सामने आया है: मोबाइल यूज़र्स की संख्या में गिरावट!

इंटरनेट यूज़र्स में साल भर में इजाफा

मार्च 2024 में जहां इंटरनेट यूज़र्स की संख्या 954.40 मिलियन थी, वहीं मार्च 2025 तक यह 969.10 मिलियन तक पहुंच गई — यानी 1.54% की बढ़ोतरी। इनमें से 944.12 मिलियन ब्रॉडबैंड यूज़र्स हैं, जबकि नैरोबैंड यूज़र्स की संख्या 24.98 मिलियन है।

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डेटा की खपत ने तोड़े रिकॉर्ड

वायरलेस डेटा यूज़र्स की संख्या 2.87% बढ़कर 939.51 मिलियन तक पहुंच गई, और कुल डेटा खपत में 17.46% का जोरदार उछाल देखने को मिला — आंकड़ा 2,28,779 पेटाबाइट्स पर पहुंच गया।

मोबाइल सब्सक्राइबर्स में गिरावट

एक तरफ इंटरनेट यूज़ में बूम है, वहीं दूसरी ओर मोबाइल वायरलेस ग्राहकों की संख्या में गिरावट देखी गई — मार्च 2024 के 1,165.49 मिलियन से घटकर मार्च 2025 में 1,156.99 मिलियन रह गई। इसका सीधा असर टेली-डेंसिटी पर पड़ा, जो 83.27% से गिरकर 81.94% रह गई।

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टेलीकॉम कंपनियों की बंपर कमाई

टेलीकॉम कंपनियों की ग्रॉस इनकम ₹3,36,066 करोड़ से बढ़कर ₹3,72,097 करोड़ हो गई (10.72% की ग्रोथ)। एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) भी 12.02% बढ़कर ₹3,03,025 करोड़ हो गया।

DTH और चैनल मार्केट में गिरावट

Pay DTH सब्सक्राइबर्स की संख्या 61.97 मिलियन से घटकर 56.92 मिलियन हो गई। हालांकि, भारत में अभी भी 918 सैटेलाइट टीवी चैनल परमिटेड हैं।

ARPU और कॉलिंग मिनट्स में बढ़ोतरी

वायरलेस सेवा का ARPU 16.89% की ग्रोथ के साथ ₹174.46 तक पहुंच गया। प्रीपेड ARPU ₹173.84 रहा, जबकि पोस्टपेड ARPU में हल्की गिरावट आई। औसत कॉलिंग मिनट 963 से बढ़कर 1000 हो गए।

शहरी-ग्रामीण यूज़र्स का आंकड़ा

भारत का कुल टेलीफोन सब्सक्रिप्शन 1,200.80 मिलियन रहा।

  • शहरी यूज़र्स: 666.11 मिलियन

  • ग्रामीण यूज़र्स: 534.69 मिलियन
    हालांकि, ग्रामीण टेली-डेंसिटी में हल्की गिरावट आई है जो अब 59.06% है।

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