जेट एयरवेज के मालिक नरेश गोयल गिरफ्तार: ED ने 538 करोड़ के बैंक फर्जीवाड़ा मामले में लिया एक्शन, केनरा बैंक ने की थी शिकायत, ये भी है आरोपी

नयी दिल्ली। बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जेट एयरवेज (इंडिया) लिमिटेड के फाउंडर नरेश गोयल को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर 538 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप है। गोयल को शुक्रवार को ED के मुंबई ऑफिस में गोयल को पूछताछ के लिए तलब किया गया। लंबी पूछताछ के बाद उन्हें प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले दो बार ED के बुलाने पर वे पेश नहीं हुए थे।
74 साल के गोयल को आज (2 सितंबर) स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया जाएगा। ED उनकी हिरासत की मांग करेगी। गोयल के खिलाफ ईडी का यह केस इस साल मई में दर्ज सीबीआई की एफआईआर पर आधारित है. पांच मई को सीबीआई अधिकारियों ने गोयल के आवास और उनके दफ्तरों सहित मुंबई में सात स्थानों पर तलाशी ली थी।
सीबीआई की एफआईआर में कहा गया था कि 23 नवंबर 2022 को केनरा बैंक के अधिकारियों ने जेट एयरवेज के नरेश गोयल, अनीता गोयल, गौरंग आनंद शेट्टी और अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षडयंत्र और विश्वासघात का आरोप लगाया था, जिससे केनरा बैंक को 538.62 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था.
जेट एयरवेज एक समय भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट एयरलाइंस में से एक थी और एयरलाइन को साउथ एशियन नेशन की सबसे बड़ी प्राइवेट एयरलाइन का दर्जा हासिल था। लेकिन, कर्ज में दबे होने के कारण जेट एयरवेज 17 अप्रैल 2019 में ग्राउंडेड हो गई थी। इसके बाद जून 2021 में एयरवेज को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के बैंकरप्सी रिजॉल्यूशन प्रोसेस के तहत जालान-कालरॉक (Jalan-Kalrock) कंसोर्टियम ने बोली जीतने के बाद अपने कब्जे में ले लिया था। इसके बाद से एयरलाइन के रिवाइवल की प्रोसेस चल रही है।











