झारखंड हाईकोर्ट : भूख से कितनी मौतें हुई ?… हाईकोर्ट ने हेमंत सरकार से मांगा जवाब ….

रांची: इस साल भूख से कितनी मौतें हुई है ? हाईकोर्ट ने इस सवाल का जवाब हेमंत सरकार से पूछा है। राज्य में भूख से होने वाली मौत पर हाईकोर्ट ने कड़ा रूख दिखाया है। झारखंड हाईकोर्ट ने 2020 में बोकारो में छह महीने के भीतर एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत की घटना पर संज्ञान लिया। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रवि रंजन और न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की पीठ ने मामले में सुनवाई करते हुए हेमंत सोरेन सरकार से झारखंड में चलाई जा रही सभी कल्याणकारी योजनाओं और लक्षित लाभार्थियों पर कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। विभिन्न संस्थाओं की अपील और मीडिया रिपोर्ट के आधार पर इस मामले को हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया। इस संबंध में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब देने को कहा है।

आपको बता दें कि बोकारो में 42 वर्षीय भुक्खल घासी की मार्च 2020 में मृत्यु हो गई थी। अगले छह महीने के दौरान उनके बेटे और बेटी की भी मृत्यु हो गई थी। खाद्य सुरक्षा में काम करने वाले विशेषज्ञों ने इन मौतों को ‘भूख से होने वाली मृत्यु’ करार दिया था। वहीं राज्य सरकार ने यह कहकर इसका खंडन किया कि इन सभी लोगों की मृत्यु बीमारियों के कारण हुई थी। कोर्ट ने कहा है कि हम उम्मीद करते हैं कि आपकी ओर से इस तरह का हलफनामा दो हफ्ते में दाखिल कर दिया जाएगा।

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मामला अदालत के संज्ञान में लाया गया। इसके बाद अदालत ने इसे एक जनहित याचिका में स्वीकार किया। हाईकोर्ट ने 4 नवंबर को सुनवाई के दौरान कहा कि हमने कार्रवाई की रिपोर्ट देखी है। दो बातें स्पष्ट नहीं हैं। पहला लक्ष्य तय करने का तंत्र और दूसरा यह कि क्या राज्य सरकार की ओर से ‘भूख से मौत’ को किसी कानून या सर्कुलर के तहत परिभाषित किया गया है या नहीं… यदि ऐसा नहीं किया गया है तो बयान कैसे आ रहे हैं कि भूख से मौत नहीं है या है। हमें भूख से होने वाली मौतों की संख्या बताइये।

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