झारखंड : रांची पेयजल विभाग 23 करोड़ रुपये घोटाले की जांच में नया मोड़, कैशियर के मोबाइल की होगी फोरेंसिक जांच
A new twist in the investigation into the Rs 23 crore Ranchi drinking water department scam; the cashier's mobile phone will be forensically examined.

Ranchi News: रांची में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से जुड़े 23 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच अब और तेज हो गई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने आरोपी तत्कालीन रोकड़पाल संतोष कुमार के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच कराने का निर्णय लिया है। जांच एजेंसी का मानना है कि मोबाइल से घोटाले से जुड़े डिजिटल साक्ष्य, लेनदेन और संपर्कों की अहम जानकारी मिल सकती है।
शुरुआत में, 28 दिसंबर 2023 को सदर थाना पुलिस ने संतोष कुमार के खिलाफ 2 करोड़ 71 लाख रुपये के गबन का मामला दर्ज किया था। लेकिन जांच के दौरान दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड खंगालने पर यह राशि बढ़कर लगभग 23 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इस बड़े घोटाले ने पूरे विभागीय वित्तीय तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच के दौरान पुलिस ने संतोष कुमार का मोबाइल जब्त किया था। अब एसीबी इस मोबाइल की फोरेंसिक जांच करेगी। इससे कॉल डिटेल्स, मैसेज, बैंकिंग ऐप्स, डिजिटल ट्रांजैक्शन और अन्य तकनीकी साक्ष्य मिलने की उम्मीद है। इन साक्ष्यों से घोटाले के नेटवर्क और संभावित अन्य आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
प्रारंभिक जांच के बाद संतोष कुमार के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। हालांकि, भ्रष्टाचार के दृष्टिकोण से मामले की गहराई से जांच आवश्यक होने पर केस को एसीबी को ट्रांसफर कर दिया गया। अब ब्यूरो नए सिरे से तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की जांच कर रही है।
रांची पेयजल विभाग घोटाला मामले में मोबाइल फोरेंसिक जांच नए सबूतों और संभावित खुलासों की कुंजी साबित हो सकती है। इससे न केवल घोटाले का नेटवर्क सामने आएगा बल्कि अन्य संबंधित अधिकारियों या पक्षकारों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकेगी।












