1 मई से महंगा होगा दूध…सरकार के ऐलान ने बदली कीमतों की तस्वीर…किसानों को राहत लेकिन आम लोगों की जेब पर असर तय…

देशभर में रसोई का सबसे जरूरी हिस्सा अब महंगा होने जा रहा है। 1 मई से दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का असर हर घर तक पहुंचने वाला है, क्योंकि पंजाब सरकार के एक फैसले ने पूरे बाजार की दिशा बदल दी है। मिल्कफेड से जुड़े किसानों के लिए दूध के खरीद मूल्य में ₹20 प्रति किलोग्राम फैट की बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है, जिसका सीधा असर अब आम उपभोक्ताओं की जेब पर भी दिखेगा।
यह नई दरें 1 मई से लागू होंगी। मिल्कफेड, जिसे वेरका के नाम से जाना जाता है, उत्तर भारत की बड़ी सहकारी दुग्ध संस्थाओं में शामिल है और इसके फैसलों का असर अक्सर अन्य निजी कंपनियों पर भी पड़ता है। ऐसे में यह बढ़ोतरी सिर्फ एक राज्य तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि बाजार में व्यापक बदलाव ला सकती है।
सरकार का कहना है कि यह फैसला डेयरी फार्मर्स को राहत देने के लिए लिया गया है। मिल्कफेड के अनुसार, इस कदम से करीब 2.5 लाख डेयरी किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, जबकि निजी कंपनियों पर पड़ने वाले प्रभाव के कारण राज्य के लगभग 30 लाख पशुपालकों को भी इसका फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ हर महीने करीब 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रवाह बढ़ सकता है।
हालांकि इस फैसले का दूसरा पहलू भी उतना ही अहम है। दूध की खरीद कीमत बढ़ने का मतलब है कि इसका असर खुदरा बाजार पर भी पड़ेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक आम उपभोक्ताओं को अब प्रति लीटर दूध पर करीब ₹1.20 से ₹1.40 तक ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।
दरअसल, भारत में दूध की कीमत तय करने का आधार उसमें मौजूद फैट की मात्रा होती है। ₹20 प्रति किलोग्राम फैट की बढ़ोतरी का मतलब है कि दूध में जितना ज्यादा फैट होगा, किसानों को उतना ज्यादा भुगतान मिलेगा। इससे जहां किसानों की आय में सुधार होगा, वहीं उपभोक्ताओं के लिए धीरे-धीरे महंगाई का असर महसूस होना तय है।
इस फैसले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि राहत और महंगाई के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए, क्योंकि जहां एक ओर किसानों को फायदा मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर आम लोगों के बजट पर दबाव बढ़ने की आशंका भी साफ दिखाई दे रही है।












