जज की रहस्यमयी मौत: बंद कमरे में लटका मिला शव, सुसाइड या कोई अनसुलझी कहानी?
सफदरजंग इलाके में जज अमन कुमार शर्मा ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट नहीं मिला, हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से एक चौंकाने वाली और रहस्यमयी घटना सामने आई है, जहां एक जज की आत्महत्या ने पूरे न्यायिक और प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मचा दिया है। सफदरजंग इलाके में रहने वाले जज अमन कुमार शर्मा ने अपने घर के अंदर फांसी लगाकर जान दे दी। इस घटना के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं, जिनका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमन कुमार शर्मा का निवास ग्रीन पार्क क्षेत्र में था और वह कड़कड़डूमा कोर्ट में कार्यरत थे। घटना की जानकारी उस वक्त सामने आई जब सफदरजंग थाने को दोपहर करीब 1:45 बजे PCR कॉल मिली। बताया जा रहा है कि यह कॉल परिवार के ही एक सदस्य ने की थी, जिसके बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में यह साफ नहीं हो पाया है कि उन्होंने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में किसी तरह की साजिश या बाहरी हस्तक्षेप के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है।
अमन कुमार शर्मा ने 19 जून 2021 को दिल्ली न्यायिक सेवा जॉइन की थी। उन्होंने वर्ष 2018 में पुणे स्थित सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई पूरी की थी। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण आपराधिक और दीवानी मामलों की सुनवाई की थी और विभिन्न अदालतों में सेवाएं दी थीं।
बताया जा रहा है कि अक्टूबर 2025 से वह कड़कड़डूमा कोर्ट में उत्तर-पूर्व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) में फुल-टाइम सचिव के पद पर तैनात थे। उनकी अचानक हुई इस मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या यह महज आत्महत्या है या इसके पीछे कोई गहरी वजह छिपी हुई है?
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कई अहम खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।








