Teacher Vacancy से जुड़ी खबर : शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया हुई शुरू, बीपीएससी को मिली परीक्षा की जिम्मेदारी, 15 मई तक जारी होगा सिलेबस

पटना। शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। विरोध के बीच राज्य सरकार ने शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 1.78 लाख शिक्षक भर्ती के लिए शिक्षा विभाग ने BPSC को भर्ती प्रस्ताव भेज दिया है। बिहार लोकसेवा आयोग के अध्य क्ष ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। 15 मई तक इसके लिए आयोग सिलेबस जारी कर देगा। इसके बाद जल्दीक ही प्रतियोगिता परीक्षा होगी। नए पदों पर बहाल शिक्षक राज्य सरकार के कर्मचारी कहलाएंगे, जिनका वेतन भुगतान कोषागार से होगा।

नए नियुक्त होने वाले शिक्षकों को प्रतिमाह 35,064 से लेकर 51,130 रुपये तक बेतम मिलेगा। सरकार पेंशन मद में भी योगदान करेगी, जो वेतनमान की राशि से अलग होगी।इनमें प्राथमिक कक्षाओं के लिए सबसे अधिक शिक्षकों की बहाली होगी। कक्षा एक से पांच के लिए मंत्रिमंडल ने शिक्षकों के 85,477 पद सृजित किए हैं। मध्य विद्यालय यानी कक्षा 6-8 के लिए शिक्षकों के 1745 पद, माध्यमिक विद्यालय कक्षा 9-10 के लिए 33,186 और उच्चतर माध्यमिक स्कूल यानी कक्षा 11-12 के लिए शिक्षकों के 57,618 पद सृजित करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। सामान्यष प्रशासन विभाग ने बुधवार को इससे संबंधित पत्र भी जारी कर दिया है।

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बता दें कि शिक्षकों को हाथ में मिलने वाले कुल वेतनमान के अलावा बिहार सरकार पेंशन कोष में भी सहायता प्रदान करेगी, जोकि मूल वेतन का 14 प्रतिशत होगा। सरकार की तरफ से प्राथमिक शिक्षकों को पेंशन सहयोग मद में 3500, मध्य स्कूल के शिक्षकों को 3920, माध्यमिक शिक्षकों की पेंशन में 4340 और उच्च माध्यमिक शिक्षकों को 4480 रुपये मिलेगा। बता दें कि बिहार में एक लाख 78 हजार पदों पर नई शिक्षा नियमावली के तहत नियुक्ति की जा रही है।

शिक्षा मंत्री ने कहा- नियमावली में नहीं होगा बदलाव
शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक नियुक्ति नियमावली का विरोध शिक्षा हित में नहीं है. चंद्रशेखर ने आगे मीडिया से कहा कि बिहार ज्ञान की भूमि रही है. इसको वापस लाना है. सरकार की तरफ से उसी दिशा में कदम बढ़ाया गया है. बिहार की जो विरासत रही है, दुनिया भर में डंका बजता था. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग इस नई नियमावली का विरोध कर रहे हैं वो रोजगार के खिलाफ हैं. डॉ. चंद्रशेखर ने कहा कि नई नियमावली बेरोजगारी को दूर करने वाला एतिहासिक कदम है. यह राज्य और शिक्षा हित में सरकार की बहुत बड़ी पहल है. कहा कि इसका विरोध किसी भी स्तर पर सही नहीं ठहराया जा सकता है. शिक्षा मंत्री ने विरोध करने वाले युवाओं और संगठनों से कहा कि ऐसा नहीं करना चाहिए. यदि वे लटकाना चाहते हैं तो यह बेरोजगार युवाओं के हितों के प्रतिकूल होगा.

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