वन नेशन, वन इलेक्शन: अधीर रंजन चौधरी ने कमेटी से अपना नाम लिया वापस, कमेटी को लेकर कही दी ये बात…

नयी दिल्ली। वन नेशन, वन इलेक्शन की कमेटी से अधीर रंजन चौधरी ने अपना नाम वापस ले लिया है। लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कमेटी का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुझे उस समिति में काम करने से इनकार करने में कोई झिझक नहीं है. मुझे डर है कि यह पूरी तरह से धोखा है। केंद्र की मोदी सरकार ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के लिए कमेटी का गठन कर दिया है। इस 8 सदस्यीय कमेटी में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी को भी शामिल किया गया था. लेकिन अधीर रंजन ने इस समिति का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया है।

वहीं आम आदमी पार्टी के नेता और सांसद ने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन पर मोदी सरकार की कमेटी ‘डमी कमेटी’ है। राज्य सभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को इस कमेटी में न रखना उनका घोर अपमान है. इस कमेटी का कोई औचित्य नहीं है. विपक्षी गठबंधन INDIA से घबराए मोदीजी (वन नेशन वन इलेक्शन) के नाम पर नक़ली बहस चला रहे हैं।

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कमेटी के चेयरमैन पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद हैं. वहीं समिति में सदस्य गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी, पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद, वित्त कमीशन के पूर्व चेयरमैन एनके सिंह, लोकसभा के पूर्व महासचिव सुभाष सी कश्यप, हरीश साल्वे और पूर्व सीवीसी संजय कोठारी हैं. कमेटी का कार्यकाल स्पष्ट नहीं है. समिति को यथाशीघ्र रिपोर्ट देने को कहा गया है.

कमेटी को क्या कहा जाएगा?
कमेटी का नाम उच्च स्तरीय समिति और अंग्रेज़ी में एचएलसी कहा जाएगा. विधियों न्याय विभाग के सचिव नितेन चंद्र इसका हिस्सा होंगे. नितेन चंद्र एचएलसी के सचिव भी होंगे. इसके अलावा कमेटी की बैठक में केंद्रीय न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल मौजूद रहेंगे. दरअसल एक राष्ट्र, एक चुनाव का मतलब लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ कराना है. समिति लोकसभा, विधानसभाओं, नगर निकायों और पंचायतों के चुनाव एक साथ कराने की संभावना पर विचार और सिफारिश करेगी. इस बात का अध्ययन भी करेगी कि क्या संविधान में संशोधन के लिए राज्यों के अनुमोदन की आवश्यकता होगी. कमेटी तुरंत काम शुरू करेगी और जल्द से जल्द सिफारिशें देगी. समिति इसके अलावा एक साथ चुनाव कराने की स्थिति में त्रिशंकु सदन, अविश्वास प्रस्ताव या दलबदल से उभरते परिदृश्यों के प्रभाव का भी विश्लेषण करेगी.

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