‘मन की बात’ में पीएम मोदी का देश को बड़ा संदेश! कारगिल के वीरों को किया नमन, विक्रम-1 से साइंस ओलंपियाड तक गिनाईं भारत की बड़ी उपलब्धियां
'मन की बात' के 136वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही भारतीय युवाओं की उपलब्धियों, विक्रम-1 रॉकेट, साइंस ओलंपियाड और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हो रही प्रगति का भी उल्लेख किया।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 136वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने 27वें कारगिल विजय दिवस पर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की। प्रधानमंत्री ने कहा कि कारगिल विजय दिवस हर भारतीय के लिए गर्व का अवसर है और यह हमारे जवानों के अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति की याद दिलाता है।
कारगिल के शहीदों को दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ तारीखें इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो जाती हैं और 26 जुलाई ऐसी ही एक तारीख है। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अद्वितीय पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष कारगिल विजय दिवस के अवसर पर ‘शौर्य विजय यात्रा’ निकाली गई, जिसका संदेश था “वन राइड, वन नेशन, वन सल्यूट”। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह यात्रा देशवासियों की अपने वीर सैनिकों के प्रति एकजुट श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है।
युवाओं की उपलब्धियों की खुलकर सराहना
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवा लगातार वैश्विक मंच पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में आयोजित साइंस ओलंपियाड में भारतीय छात्रों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की।
उन्होंने बताया कि फिजिक्स ओलंपियाड में भारतीय टीम के सभी पांच छात्रों ने स्वर्ण पदक जीतकर देश को पहला स्थान दिलाया, जो पूरे भारत के लिए गर्व की बात है।
विक्रम-1 की सफलता का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विक्रम-1 रॉकेट का सफल प्रक्षेपण भारत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने इसे देश के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि यह भारत का पहला निजी क्षेत्र द्वारा विकसित रॉकेट है, जो अंतरिक्ष क्षेत्र में देश की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है।
INS महेंद्रगिरि का भी किया उल्लेख
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारतीय नौसेना में शामिल INS महेंद्रगिरि का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह युद्धपोत पूरी तरह भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है तथा इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में रक्षा क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि है।
रक्षा क्षेत्र में भारत लगातार बना रहा नई पहचान
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत रक्षा उत्पादन, रक्षा निर्यात और मित्र देशों के साथ रक्षा सहयोग के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि देश की यह प्रगति विकसित भारत के संकल्प को मजबूत कर रही है।









