झारखंड में मौसम का ‘रेड अलर्ट’! अगले 5 दिन भारी बारिश, वज्रपात और तेज आंधी का खतरा, IMD की चेतावनी
बंगाल की खाड़ी में बने गहरे सिस्टम का असर झारखंड पर दिखने लगा है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश और पूरे राज्य में वज्रपात व तेज हवाओं को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

रांची। झारखंड में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), रांची के अनुसार बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी में बना निम्न दबाव अब डिप्रेशन में बदल चुका है, जो 27 जुलाई तक और मजबूत होकर गहरे डिप्रेशन का रूप ले सकता है। इसके प्रभाव से अगले पांच दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश, वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
इन जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक 26 जुलाई को गुमला, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
वहीं रांची, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा, धनबाद, पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज समेत अन्य जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है।
27 और 28 जुलाई को भी रहेगा बारिश का असर
27 जुलाई को रांची, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं 28 जुलाई को पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, गुमला, खूंटी और लोहरदगा में भारी बारिश होने की संभावना है। रांची समेत अन्य जिलों में भी गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अनुमान है।
29 और 30 जुलाई को भी नहीं मिलेगी राहत
हालांकि 29 और 30 जुलाई के लिए भारी बारिश की विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन पूरे राज्य में हल्की से मध्यम बारिश, वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना बनी रहेगी।
तापमान में आएगी गिरावट
मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक अधिकतम तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
IMD की लोगों से अपील
मौसम विभाग ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने सलाह दी है कि गरज-चमक और वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें तथा सुरक्षित स्थान पर शरण लें। साथ ही मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखें।









