JHARCRAFT की पूर्व CEO रेणु गोपीनाथ पणिक्कर बनी झारखंड जदयू की उपाध्यक्ष

रांची। राज्यसभा संसद सह झारखंड जेडीयू प्रदेशअध्यक्ष खीरू महतो ने रेनू गोपीनाथ पणिक्कर को झारखंड जदयू का उपाध्यक्ष मनोनीत किया है। उन्होंने कहा की रेनू एक सशक्त महिला है। उनका मजबूत ब्रेक ग्राउंड है। उनके जुड़ने से पार्टी मजबूत होगी, साथ ही महिलाओं को जोड़ने में मदद मिलेगी। उनके ऊपर लगे कंबल घोटाले के आरोप पर खीरू महतो ने कहा की इन पर गलत आरोप लगा है । ईडी को निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए।
कंबल घोटाले पर दी सफाई
रेनू गोपीनाथ ने कंबल घोटाले से जुड़े सवाल पर अपनी सफाई पेश की। उन्होंने कहा की राज्य का श्रम विभाग गरीबों में 5 से 10 लाख कंबल बांटता आया है। 2016 से झार क्राफ्ट को जोड़ा गया। इससे बुनकर सोसाइटी जुड़ा है। मकसद था की यही की बुनकरों से कंबल लिया जाए तब मैं झार क्राफ्ट से नहीं जुड़ी थी। झार क्राफ्ट के एक भी चेक पर साइन करने का मुझे अधिकार नहीं था। बोर्ड में 12 से ज्यादा मेंबर थे। कंबल बुनकर ही बना रहे थे एनएचडीसी से हमने धागे खरीदे थे। कंबल के दाम बोर्ड और सरकार ने तय किए थे। ट्रांसपोर्ट एजेंसी को कंबल की धुलाई के लिए पानीपत भेजने और लाने का काम सौपा गया था वह एल वन की कैटिगरी में नहीं था। मैंने ही ट्रांसपोर्ट एजेंसी का मुद्दा एमबी के पास उठाया था बाद में पूछताछ कर एमडी ने ही पेमेंट करने का आदेश दिया था।
रेनू गोपीनाथ पर पनिक्कर ने कहा की श्रम विभाग की तरफ से झारक्राफ्ट को पैसा मिला ही नहीं है। यह काम रघुवर दास सरकार में हुआ है। इसी से नाराज होकर मैंने झार क्राफ्ट को छोड़ा। कई पार्टियों से मुझे पहले भी ऑफर आए थे लेकिन नीतीश कुमार से मिलने और उनकी कार्य सेली से प्रभावित होकर मैंने जदयू से जुड़ने का फैसला लिया।











