100 रुपये से शुरू करें बचत… और 10 साल बाद बन जाएं लाखों के मालिक! Post Office की इस स्कीम ने पति-पत्नी को बना दिया करोड़पति बनने की राह पर

अगर आप भी हर महीने छोटी-छोटी बचत करते हैं लेकिन चाहते हैं कि भविष्य में वही रकम एक बड़ा फंड बन जाए, तो अब आपको किसी जोखिम भरे निवेश की जरूरत नहीं है। पोस्ट ऑफिस की एक ऐसी सरकारी स्कीम सामने आई है, जिसने लाखों परिवारों का भरोसा जीत लिया है। खास बात ये है कि इसमें पति-पत्नी मिलकर निवेश करें तो 10 साल बाद 41 लाख रुपये से ज्यादा की रकम हाथ में आ सकती है।
दरअसल, हम बात कर रहे हैं पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉजिट यानी RD स्कीम की। यह उन लोगों के लिए किसी खजाने से कम नहीं मानी जा रही जो हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम बचाकर भविष्य सुरक्षित करना चाहते हैं। इस स्कीम की सबसे बड़ी ताकत है इसकी सुरक्षा, क्योंकि इसमें लगाया गया पैसा पूरी तरह सरकारी गारंटी के दायरे में आता है।
इस योजना में सिर्फ 100 रुपये से खाता खोला जा सकता है। फिलहाल सरकार इसमें 6.7 प्रतिशत सालाना ब्याज दे रही है। यही वजह है कि बैंक FD से बेहतर और सुरक्षित विकल्प मानकर लोग तेजी से इस स्कीम की तरफ आकर्षित हो रहे हैं।
सबसे ज्यादा चर्चा उस गणित की हो रही है जिसमें पति-पत्नी मिलकर हर महीने 24 हजार रुपये जमा करते हैं। अगर दोनों 12-12 हजार रुपये हर महीने निवेश करें और इस निवेश को लगातार 10 साल तक जारी रखें, तो मैच्योरिटी पर कुल रकम 41 लाख रुपये से ज्यादा पहुंच सकती है।
पूरे गणित पर नजर डालें तो 10 साल में कुल जमा राशि 28 लाख 80 हजार रुपये होती है, जबकि ब्याज से ही करीब 12 लाख 20 हजार रुपये की कमाई हो जाती है। यानी बिना किसी जोखिम के आपकी बचत चुपचाप लाखों में बदलती रहती है।
हालांकि इस स्कीम की मूल अवधि 5 साल की होती है, लेकिन 41 लाख रुपये का फंड बनाने के लिए इसे अगले 5 साल तक बढ़ाना जरूरी होता है। यही एक्सटेंशन और कंपाउंडिंग का खेल निवेशकों को बड़ा फायदा देता है।
इस स्कीम की एक और खास बात लोगों को हैरान कर रही है। अगर बीच में अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए तो निवेश तोड़ने की जरूरत नहीं पड़ती। सिर्फ 12 किस्तें जमा करने के बाद आप अपने जमा बैलेंस का 50 प्रतिशत तक लोन भी ले सकते हैं। यानी जरूरत के समय यह स्कीम आपकी बचत के साथ-साथ सहारा भी बन जाती है।
बच्चों की पढ़ाई, शादी या रिटायरमेंट जैसे बड़े खर्चों के लिए यह योजना एक मजबूत फाइनेंशियल बैकअप मानी जा रही है। यही वजह है कि अब लोग इसे “धीरे-धीरे अमीर बनाने वाली सरकारी मशीन” तक कहने लगे हैं।












