राज्यसभा में बदला पूरा गणित… अचानक 7 चेहरों की एंट्री से BJP की ताकत 113, क्या अब आसान हो जाएंगे बड़े फैसले?

सभापति की मंजूरी के बाद बड़ा सियासी बदलाव, AAP छोड़ने वाले सांसद अब भाजपा खेमे में


नई दिल्ली। देश की राजनीति में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है जिसने राज्यसभा का पूरा समीकरण बदल दिया है। भारतीय जनता पार्टी की ताकत उच्च सदन में अब और बढ़ गई है, जिससे आने वाले समय में बड़े फैसलों की राह आसान होती नजर आ रही है।

दरअसल, आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सात सांसदों को राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने औपचारिक मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही राज्यसभा में भाजपा सांसदों की संख्या 106 से बढ़कर 113 हो गई है।

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सोमवार को राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी अद्यतन सूची में इन सभी सांसदों के नाम भाजपा के खाते में शामिल कर लिए गए। इससे साफ हो गया कि अब ये सभी नेता आधिकारिक रूप से भाजपा संसदीय दल का हिस्सा बन चुके हैं।

भाजपा में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में राघव चड्ढाहरभजन सिंह, अशोक कुमार मित्तल, संदीप कुमार पाठक, डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं। इन सात चेहरों के एक साथ पाला बदलने से सियासी हलचल और तेज हो गई है।

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केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए कहा कि सभापति ने विधिवत रूप से इन सांसदों के विलय को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने इन नेताओं की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि इनका आचरण हमेशा अनुशासित और सकारात्मक रहा है।

रिजिजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में इनका स्वागत करते हुए विपक्षी गठबंधन पर भी निशाना साधा।

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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव सिर्फ संख्या बढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे राज्यसभा में भाजपा की रणनीतिक स्थिति और मजबूत होगी। उच्च सदन में संख्या बल कई बार विधेयकों के पास होने में निर्णायक साबित होता है, ऐसे में यह घटनाक्रम आने वाले समय में बड़े राजनीतिक फैसलों को प्रभावित कर सकता है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस नए समीकरण के बाद संसद में लंबित बड़े विधेयकों की राह आसान हो जाएगी, या फिर सियासी टकराव और तेज होगा। फिलहाल, इस बदलाव ने देश की राजनीति में नई हलचल जरूर पैदा कर दी है।

 

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