फैसला आज : ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के ASI सर्वे को मिलेगी इजाजत? सभी की निगाहें आज होगी कोर्ट पर, जानिये कितने बजे आयेगा फैसला

नयी दिल्ली। आज फैसले की घड़ी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर के एएसआई सर्वे के खिलाफ दाखिल याचिका पर फैसला सुरक्षित कर लिया था। इसका फैसला आज सुनाया जाएगा। इस फैसले का सभी बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। तब तक सर्वे पर सुप्रीम कोर्ट से लगी रोक बरकरार रहेगी। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर ने अंजुमन इंतजामिया मसाजिद वाराणसी की प्रबंध समिति की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया था।

दरअसल, कोर्ट में दोनों पक्षों की लगातार दो दिन बहस चली. दोनों तरफ से दलील पेश की गईं. कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 27 जुलाई को अपने फैसलों को रिजर्व कर लिया था। आज कोर्ट अपना फैसला दोपहर बाद सुनाएगी। ज्ञानवापी सर्वेक्षण मामले को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान मंदिर और मस्जिद पक्ष ने जमकर बहस की थी। कानूनी के साथ-साथ ऐतिहासिक तथ्य रखे गए थे. सुनवाई शुरू होने पर चीफ जस्टिस के सवाल पर भारतीय पुरात्व विभाग (एएसआई) के अपर निदेशक ने अदालत को बताया कि एएसआई किसी हिस्से में खुदाई कराने नहीं जा रही है।

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कोर्ट आए एएसआई के एडिशनल डायरेक्टर जनरल आलोक त्रिपाठी ने साफ कर दिया था कि सर्वे से निर्माण को कोई नुकसान नहीं होगा. साइंटिफिक सर्वे में अत्याधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल होगा. अपर सॉलिसिटर जनरल शशि प्रकाश सिंह ने दाखिल हलफनामे को उद्धृत किया. याची के वरिष्ठ अधिवक्ता एसएफए नकवी व पुनीत गुप्ता ने एएसआई अधिकारियों के कुदाल, फावड़े के साथ आने की फोटोग्राफ दिखाते हुए सर्वे से भवन के ध्वस्त होने की आशंका जताई थी।

मुख्य न्यायाधीश ने पूछा था कि आपका उत्खनन (एक्सकेवेशन) से क्या आशय है? एएसआई के अधिकारी ने जवाब दिया कि काल निर्धारण और पुरातत्विक गतिविधियों से जुड़ी किसी गतिविधि को उत्खनन कहा जाता है, लेकिन हम स्मारक के किसी हिस्से की खुदाई (डिगिंग) करने नहीं जा रहे. सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला तीन अगस्त तक के लिए सुरक्षित रख लिया था. कोर्ट ने कहा था कि फैसला आने तक एएसआई के सर्वेक्षण पर लगी रोक बरकरार रहेगी।

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