पत्नी को उम्रकैद: राखी के बहाने मायके ले गयी, फिर कर दी हत्या, जीजा के साथ प्यार में पति बन रहा था रोड़ा
Life imprisonment for wife: Took husband to maternal home under the pretext of Rakhi, then murdered him; he was an obstacle in her love affair with her brother-in-law.

Court News: पति की हत्या करने वाली पत्नी को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनायी है। जेल के साथ-साथ महिला को जुर्माना भी लगाया गया है। 5 साल पुराने मर्डर केस में कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है। बिहार की राजधानी पटना की दानापुर व्यवहार न्यायालय ने एक सनसनीखेज हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए पत्नी को अपने ही पति की हत्या का दोषी ठहराया है।
जिला अपर एवं सत्र न्यायाधीश-7 संतोष कुमार गुप्ता की अदालत ने आरोपी अमृता देवी को आजीवन सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों और परिस्थितिजन्य प्रमाणों के आधार पर आरोप साबित कर दिए।
राखी के बहाने मायके ले गई, फिर रच दी मौत की साजिश
दरअसल हत्या का यह मामला वर्ष 2021 के पालीगंज थाना कांड संख्या-299/21 से जुड़ा है। अरवल जिले के कलेर थाना क्षेत्र के बुद्धन बिगहा गांव निवासी अमित कुमार की संदिग्ध मौत ने उस समय पूरे इलाके को हिला दिया था।जांच में सामने आया कि 18 अगस्त 2021 को पत्नी अमृता देवी रक्षा बंधन का हवाला देकर अमित कुमार को अपने मायके पीपरादाहा लेकर गई थी। अभियोजन के अनुसार, वहीं पहले से रची गई साजिश के तहत पति को जहर दिया गया। मौत के बाद शव को घर के बाहर फेंक दिया गया और आरोपी मौके से फरार हो गए।
बहनोई से अवैध संबंध बना हत्या की वजह!
मृतक के पिता लखनदेव यादव ने पुलिस में दर्ज कराई एफआईआर में आरोप लगाया था कि उनकी बहू अमृता देवी के अपने बहनोई मिथिलेश सिंह से अवैध संबंध थे।बताया गया कि अमित कुमार जब इस रिश्ते का विरोध करता था तो उसे लगातार जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं। आखिरकार कथित प्रेम संबंध में बाधा बनने पर उसकी हत्या कर दी गई।
कोर्ट ने सबूतों को माना पर्याप्त
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य अदालत के सामने पेश किए। इन्हीं आधारों पर अदालत ने अमृता देवी को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई।इसके साथ ही अदालत ने 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दो अन्य आरोपी अभी कानून के घेरे में
प्रभारी अपर लोक अभियोजक रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि इस मामले में सह-आरोपी मिथिलेश सिंह और देवंती देवी के खिलाफ अनुसंधान अभी जारी है। पुलिस दोनों आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
न्यायालय के फैसले से मजबूत हुआ भरोसा
दानापुर कोर्ट का यह फैसला एक बार फिर बताता है कि हत्या जैसे गंभीर मामलों में यदि वैज्ञानिक साक्ष्य, गवाहों के बयान और निष्पक्ष अनुसंधान मजबूत हो, तो अपराधी कानून से बच नहीं सकते। इस फैसले को न्याय व्यवस्था में आम लोगों के विश्वास को मजबूत करने वाला माना जा रहा है।









