Police News 10 दारोगा सस्पेंड: थाने में दलाल लिख रहा था केस डायरी, वायरल वीडियो के बाद 10 दारोगा सस्पेंड, मचा हड़कंप
सहरसा में वायरल वीडियो के बाद बड़ा खुलासा। थाने में बैठकर दलाल लिख रहा था पुलिस की केस डायरी। कोसी रेंज के डीआईजी ने सहरसा, सुपौल और मधेपुरा के 10 दारोगाओं को सस्पेंड कर विभागीय जांच शुरू की।

Police News। पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई हुई है। एक साथ 10 दारोगा को सस्पेंड कर दिया गया है। VIRAL VIDEO के आधार DIG ने ये कार्रवाई की है। दरअसल बिहार के कोसी प्रक्षेत्र में पुलिस विभाग के भीतर भ्रष्टाचार और दलाली के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो की जांच के बाद कोसी रेंज के डीआईजी कुमार आशीष ने सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिले के 10 दारोगाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सभी के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। मामले में एक कथित दलाल को गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से पुलिस जांच से जुड़े गोपनीय दस्तावेज और लैपटॉप बरामद किए गए हैं।
वायरल वीडियो से खुली भ्रष्टाचार की परतें
दरअसल यह पूरा मामला सहरसा जिले के सलखुआ थाना क्षेत्र का है। कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें पुलिस मामलों को पैसे लेकर प्रभावित करने और दलालों के जरिए जांच को मैनेज करने के आरोप लगाए गए थे। वीडियो सामने आने के बाद डीआईजी कुमार आशीष ने तत्काल जांच के आदेश दिए।
जांच के दौरान पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे सतीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उसके पास से लैपटॉप, पुलिस केस से जुड़े दस्तावेज और कई गोपनीय फाइलें मिलीं। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
थाने में बैठकर लिखता था पुलिस की केस डायरी
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी सतीश कुमार, सलखुआ थाना क्षेत्र के बहुरउवा गांव का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार उसका नेटवर्क सहरसा, सुपौल और मधेपुरा के कई थानों तक फैला हुआ था। आरोप है कि वह अक्सर सलखुआ थाने में बैठकर केस से जुड़े लोगों से संपर्क करता था और पैसे लेकर जांच प्रभावित करने का काम करता था। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि वह थाने के भीतर बैठकर पुलिस की केस डायरी तक लिखता था, जबकि यह काम केवल जांच अधिकारी का होता है।
तीन जिलों के 10 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
प्राथमिक जांच में लापरवाही और दलाल से मिलीभगत के आरोप सामने आने के बाद डीआईजी ने 10 पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया।
सस्पेंड किए गए पुलिस अधिकारी:
• मुकेश कुमार सिंह (थानाध्यक्ष, सलखुआ, सहरसा)
• सुवेलाल पासवान (दारोगा, सलखुआ थाना)
• पंकज कुमार (दारोगा, नवहट्टा थाना)
• जूही कुमारी (दारोगा, त्रिवेणीगंज थाना, सुपौल)
• शिशुपाल रविदास (दारोगा, राघोपुर थाना, सुपौल)
• अरमोद कुमार (दारोगा, भर्राही थाना, मधेपुरा)
• ज्योतिष कुमार (थानाध्यक्ष, घैलाढ़, मधेपुरा)
• चंद्रजीत प्रभाकर (दारोगा, मधेपुरा जिला बल)
• मनीषा कुमारी (दारोगा, मधेपुरा जिला बल)
• पिंकी कुमारी (दारोगा, सुपौल जिला बल)
सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
डीआईजी की सख्त चेतावनी
कोसी रेंज के डीआईजी कुमार आशीष ने कहा कि पुलिस विभाग में दलाली और भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो की जांच में आरोप सही पाए गए हैं। गिरफ्तार आरोपी अवैध रूप से थानों में सक्रिय था और पुलिस की जांच प्रक्रिया में दखल दे रहा था।उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी यदि किसी पुलिस अधिकारी की दलालों से मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरे मामले ने बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस व्यक्ति का पुलिस विभाग से कोई आधिकारिक संबंध नहीं था, वह थाने में बैठकर केस डायरी लिख रहा था और जांच को प्रभावित कर रहा था। इससे यह सवाल भी उठने लगे हैं कि आखिर इतने लंबे समय तक उसे पुलिस थानों में संरक्षण किसके इशारे पर मिलता रहा।फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।









