झारखंड के स्वास्थ्य कर्मचारियों का आंदोलन शुरू, 27 जुलाई तक चरणबद्ध आंदोलन की हुई शुरुआत, सचिवालय घेराव का हुआ ऐलान
Jharkhand health workers have launched a protest; a phased agitation has begun, running until July 27, and a plan to lay siege to the Secretariat has been announced.

रांची। स्वास्थ्यकर्मियों की नाराजगी अब ज्यादा बढ़ गयी है। मांगों के समर्थन में स्वास्थ्यकर्मियों ने आंदोलन की शुरुआत कर दी है। लंबित मांगों को लेकर झारखंड के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सोमवार से राज्यव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है। आंदोलन के पहले चरण में 13 से 16 जुलाई तक कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर अपनी ड्यूटी निभाते हुए सरकार के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध दर्ज करा रहे हैं।
इस दौरान अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं।स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों के समाधान के लिए सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी कारण कर्मचारियों ने चरणबद्ध आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
इस संबंध में संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। खासकर एमपीडब्ल्यू (मल्टी पर्पस हेल्थ वर्कर) कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 18 वर्षों से जनस्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन उनकी सेवा संबंधी समस्याएं अब तक लंबित हैं।
ऐसे चलेगा आंदोलन
स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने आंदोलन का पूरा कार्यक्रम भी जारी किया है—
• 13 से 16 जुलाई: काला बिल्ला लगाकर कार्य
• 17 से 20 जुलाई: कार्य करते हुए विरोध प्रदर्शन
• 21 से 23 जुलाई: भूख हड़ताल
• 24 और 25 जुलाई: सभी जिलों में सिविल सर्जन कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन
• 27 जुलाई: रांची स्थित नेपाल हाउस में स्वास्थ्य सचिव कार्यालय का घेराव
कर्मचारियों ने कहा है कि सरकार यदि समय रहते उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। माना जा रहा है कि अब इस मामले जल्द ही स्वास्थ्यकर्मियों का प्रतिनिधिमंडल के इस बार तेवर काफी तीख दिख रहे हैं।









