शिक्षकों ने SIR ड्यूटी का किया विरोध, DEO को सौंपा ज्ञापन, कहा, स्कूल के बाद SIR ड्यूटी अव्यावहारिक, सरकार करे पुनर्विचार, महिला शिक्षकों ने भी बतायी अपनी परेशानी

Teachers opposed the SIR duty and submitted a memorandum to the DEO, stating that performing SIR duty after school hours is impractical and urging the government to reconsider the decision; female teachers also voiced their concerns.

पलामू। SIR ड्यूटी का शिक्षकों ने विरोध करना शुरू कर दिया है।इस संबंध में शिक्षक संगठन ने डीईओ को ज्ञापन सौंपा है। झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ ने विद्यालय समय समाप्त होने के बाद शिक्षकों की एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) कैंप में प्रतिनियुक्ति पर आपत्ति जताते हुए इसे अव्यवहारिक बताया है। संघ ने इस व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की है। इस संबंध में संघ के अध्यक्ष सतीश कुमार दुबे ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को ज्ञापन सौंपा है।

 

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शिक्षक संघ ने अपने पत्र में कहा है कि 10 जुलाई 2026 को जारी आदेश के अनुसार एसआईआर कार्य में लगाए गए शिक्षकों को स्कूल की छुट्टी के बाद भी कैंप में ड्यूटी करने का निर्देश दिया गया है। जबकि शिक्षक पहले ही सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक विद्यालय में पढ़ाई का कार्य करते हैं।

 

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संघ का कहना है कि शिक्षकों को इसके अलावा 30 घंटे की अनिवार्य सीपीडी (Continuous Professional Development) प्रशिक्षण भी पूरा करना होता है। ऐसे में विद्यालय समय के बाद अतिरिक्त ड्यूटी देना व्यवहारिक नहीं है।शिक्षक संघ ने विशेष रूप से महिला शिक्षिकाओं की समस्याओं का भी उल्लेख किया है।

 

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उनका कहना है कि देर शाम तक कैंप में ड्यूटी करना महिला शिक्षकों के लिए कई व्यावहारिक कठिनाइयां पैदा करता है।संघ ने यह भी कहा कि एसआईआर कार्य के लिए शिक्षकों को अलग से मानदेय, यात्रा भत्ता या जलपान जैसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जिससे कर्मचारियों पर अतिरिक्त आर्थिक और मानसिक बोझ पड़ रहा है।

 

शिक्षक संघ ने मांग की है कि एसआईआर का कार्य विद्यालय अवधि के दौरान ही कराया जाए, ताकि छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित न हो और शिक्षक भी दोनों जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें। इस संबंध में भेजे गए ज्ञापन की प्रतिलिपि पलामू के उपायुक्त को भी भेजी गई है।

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