झारखंड: जज उत्तम आनंद हत्याकांड के दोषियों को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, उम्रकैद की सजा रहेगी बरकरार, कोर्ट ने कहा…

Jharkhand: Convicts in Judge Uttam Anand murder case get no relief from High Court; life sentences upheld; Court stated...

रांची। झारखंड के बहुचर्चित जज उत्तम आनंद हत्याकांड में दोषी ठहराए गए राहुल वर्मा और लखन वर्मा की उम्रकैद की सजा बरकरार रहेगी। हाईकोर्ट से दोनों की क्रिमिनल पिटिशन खारिज हो गयी है। झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ ने दोनों दोषियों की ओर से दायर आपराधिक अपील को खारिज करते हुए सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है।

 

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इस मामले में न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह घटना केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि न्यायपालिका पर सीधा हमला थी। अदालत ने इसी आधार पर निचली अदालत के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।

 

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सीबीआई कोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद

धनबाद स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद 6 अगस्त 2022 को राहुल वर्मा और लखन वर्मा को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अदालत ने दोनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था और आदेश दिया था कि वे अंतिम सांस तक जेल में रहेंगे।इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों दोषियों ने झारखंड हाईकोर्ट में क्रिमिनल अपील दायर की थी।

 

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पहले एलसीआर मंगाया, फिर सुनाया फैसला

इस मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पहले अपील स्वीकार करते हुए धनबाद सीबीआई कोर्ट से लोअर कोर्ट रिकॉर्ड (LCR) तलब किया था। रिकॉर्ड का अध्ययन और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपील खारिज करते हुए सजा को बरकरार रखा।दोषियों की ओर से अधिवक्ता सब्यसाची ने अदालत में पक्ष रखा।

 

2021 में हुई थी सनसनीखेज वारदात

गौरतलब है कि 28 जुलाई 2021 की सुबह धनबाद में मॉर्निंग वॉक के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद को एक ऑटो ने पीछे से टक्कर मार दी थी। इस घटना में उनकी मौत हो गई थी। जांच में सामने आया कि यह हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी। स्पीड ट्रायल के जरिए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाया गया।

 

इन धाराओं में हुआ था दोषसिद्ध

सीबीआई कोर्ट ने राहुल वर्मा और लखन वर्मा को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य मिटाना) और 34 (समान उद्देश्य) के तहत दोषी करार दिया था। 28 जुलाई 2022, जज उत्तम आनंद की पहली पुण्यतिथि के दिन दोनों को दोषी ठहराया गया था, जबकि 6 अगस्त 2022 को सजा सुनाई गई थी।

हाईकोर्ट के ताजा फैसले के बाद दोनों दोषियों की उम्रकैद की सजा यथावत रहेगी।

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