2000 के बाद 500 के नोटों को लेकर भी RBI टेंशन में, जानिये 500 के नोट को लेकर क्या हुए हैं खुलासे

नयी दिल्ली। 2000 के नोट को बंद करने के फैसले के बीच अब 500 के नोट को लेकर आये आंकड़े ने भी RBI को परेशान कर दिया है। 500 के बड़े पैमाने पर नकली नोट को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। RBI की सालाना रिपोर्ट में 500 रुपये के नोटों को लेकर भी बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट की मानें तो 500 के नकली नोट की घुसपैठ में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
2022-23 में 500 रुपये के करीब 91 हजार 110 नकली नोट पकड़े गए थे, जो 2021-22 के मुकाबले 14.6 फीसदी ज्यादा है. 2020-21 में 500 रुपये के 39,453 नकली नोट पकड़े गए थे. जबकि 2021-22 में 76 हजार 669 के नकली नोट पकड़े गए थे। जाहिर है 500 के नकली नोट अब आरबीआई के लिए नयी चुनौतियां बन गयी है।
आंकड़ों के मुताबिक नकली नोटों (Fake Currency) की बरामदगी के मामलों में 500 रुपये के नोट के अलावा 2000 रुपये के नकली नोट भी शामिल रहे। हालांकि इनकी संख्या में कमी दर्ज की गई है और वित्त वर्ष 2022-23 में 2000 रुपये के नकली नोटों की संख्या 28 फीसदी घटकर 9 हजार 806 नोट रह गई। 500 और दो हजार रुपये के नोटों के अलावा 100, 50, 20, 10 रुपये के भी नकली नोट पकड़े गए हैं। RBI की रिपोर्ट के मुताबिक, बैंकिंग सेक्टर में पकड़े गए नकली नोटों की कुल संख्या 2 लाख 25 हजार 769 रही, जबकि पिछले साल 2 लाख 30 हजार 971 के नकली नोट मिले थे।
500 रुपये के अलावा 20 रुपये के नकली नोटों की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. 2022-23 में 20 रुपये के नकली नोटों में 8.4 फीसदी की तेजी आई है. वहीं 10 रुपये के नकली नोटों की संख्या में 11.6 फीसदी, 100 रुपये के नकली नोटों की संख्या में 14.7 फीसदी की कमी आई है। आरबीआई ने बताया है कि 2022-23 में कुल 4 हजार 682.80 करोड़ रुपये नोट छापने के लिए खर्च किए थे. 2021-22 में छपाई का खर्च 4 हजार 984.80 करोड़ रुपये था।











