खास खबर : चौथी बार पत्नी हुई प्रेग्नेंट, तो कांस्टेबल हुआ सस्पेंड, सस्पेंशन आर्डर देख लोग चौके, जानिये किन नियमों के तहत हुई कार्रवाई

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद में एक अनूठा मामला सामने आया है। मामला समवाय कैंप नगरी जिला धमतरी का है। पत्नी के चौथी बार गर्भवती होने पर कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया। कांस्टेबल को तीन बेटियां पहले से थीं, बेटे की चाहत में पत्नी चौथी बार गर्भवती हुई तो उसे सस्पेंड कर दिया गया। राष्ट्रीय जनसंख्या नीति एवं छ ग/ म प्र सिविल सेवा आचरण 1965 के नियम 3 (1) तीन 3- क (क) (ग) एवं 3 ख (क) का घोर उल्लंघन पाते हुए कमांडेंट ने ये कार्रवाई की है।

इसी तरह के दो अन्य मामलों में भी जांच के बाद दो और हेड कांस्टेबल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि कांस्टेउबल ने राष्ट्रीय जनसंख्या नीति कानून का उल्लंघन किया है। जानकारी के मुताबिक धमतरी जिले के नगरी में समवाय कैंप नगरी में तैनात कांस्टेंबल प्रहलाद सिंह 23 जून को धनोरा स्थित 14वीं वाहनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल कार्यालय गया था। वहां प्रहलाद को सैलरी लेनी थी, इसके साथ ही उसने पत्नी की डिलीवरी के लिए 8 दिन की छुट्टी का आवेदन दिया।

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अधिकारियों के पूछने पर उसने बताया कि उसकी तीन बेटियां हैं. मगर, बेटे की चाहत में पत्नी चौथी बार गर्भवती हो गई। इसके बाद बटालियन अधिकारी डीआर आंचला ने राष्ट्रीय जनसंख्या नीति और अन्य कानून का उल्लंघन मानते हुए कांस्टेबल को निलंबित कर दिया। बटालियन अधिकारी डीआर आंचला ने बताया कि हैंडबुक 2023 में अंकित छत्तीसगढ़ सिविल सेवा(सेवा की सामान्य शर्ते) नियम 1961 के तहत दो से अधिक संतान होने पर सिविल सेवा में अपात्र माना गया है।

इस नियम में यह है कि एक का जन्म 26 जनवरी 2001 को या उसके बाद हुआ हो. इसके आधार पर कांस्टेनबल प्रहलाद सिंह को निलंबित किया गया है. साथ ही सेवा पुस्तिका जांच के बाद दो और हैंड कांस्टेबल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिसके बाद सेनानी डीआर आंचला ने शासकीय कर्मचारी होने के बावजूद पुत्र की चाह में वर्तमान परिस्थिति के दृष्टिगत, राष्ट्रीय जनसंख्या नीति एवं छ ग/ म प्र सिविल सेवा आचरण 1965 के नियम 3 (1) तीन 3- क (क) (ग) एवं 3 ख (क) का घोर उल्लंघन के तहत निलंबित किया गया है ।

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डीआर आंचला, सेनानी, 14वीं वाहनी ने बताया कि हैंडबुक 2023 में अंकित छत्तीसगढ़ सिविल सेवा( सेवा की सामान्य शर्ते) नियम 1961 के तहत दो से अधिक संतान जिसमें से एक का जन्म 26 जनवरी 2001 को या उसके पश्चात हुआ है उन्हें सरकारी सेवा मे अपात्र माना गया है। जिनके आधार पर आरक्षक प्रहलाद सिंह को निलंबित करते हुए सेवा पुस्तिका जांच के बाद दो और हेड कांस्टेबल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

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