फर्जी शिक्षक बहाली का बड़ा खुलासा, नकली जॉइनिंग लेटर आई महिला ने उगले कई राज, इधर विभाग के साथ पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई

पटना। बिहार में एक तरफ जहां परीक्षा देने के बाद शिक्षक अभ्यर्थी रिजल्ट का इंतजार रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ फर्जी तौर पर शिक्षक भर्ती का भी मामला सामने आया है। बिहार में शिक्षक बहाली को लेकर फर्जीवाड़े पर अधिकारियों के कान खड़े हो गये हैं। वैशाली में अधिकारियों ने फर्जी तरीके से बहाल होने पहुंची एक महिला को पकड़ा है। मामले की जांच पता चला है कि जिले में एक शातिर गैंग शिक्षकों की बहाली में फर्जीवाड़े की फिराक में है। गैंग ने महिला के अलावा ऐसे कई और लोगों को फर्जी डॉक्यूमेंट्स पर टीचर बनाने का खेल चला रहा है। वैशाली के अलावा दूसरे जिलों में भी ऐसे फर्जी टीचरों को बहाल कराने की कोशिश चल रही है।

जानकारी के अनुसार महुआ थाना क्षेत्र के मिर्जानगर गांव के मोहम्मद सिराज की पुत्री साजिया खातून ने महुआ बाजार स्थित शर्मा साइबर कैफे संचालक से मिलकर शिक्षक नियोजन का फर्जी नियुक्ति पत्र निकलवाया था। साजिया खातून अपना नियुक्ति पत्र लेकर जिला शिक्षा कार्यालय पहुंची। यहां शिक्षा अधिकारी को नियुक्ति पत्र देते हुए तैनाती के लिए कहा। जब अधिकारियों ने नियुक्ति पत्र की जांच की, तो वह फर्जी निकला। जब अधिकारियों ने उससे पूछा कि उसे नियुक्ति पत्र कैसे मिला, तो उसने महुआ-पटेपुर रोड पर स्थित साइबर कैफे का नाम बताया था।

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मामला सामने आने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी वीरेंद्र नारायण ने महुआ थाने में फर्जी नियुक्ति पत्र का मामला दर्ज करवाया। साथ ही पता चला कि मिश्रा साइबर कैसे से अन्य लोगों को भी नियुक्ति पत्र मिला है। इधर वैशाली में पुलिस ने बीपीएससी शिक्षकों से संबंधित फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करने के मामले में एक साइबर कैफे को सील कर दिया है। साइबर कैफे के कथित मालिक को छापेमारी के बारे में पता चला और उसने तुरंत उसे बंद कर दिया और मौके से फरार हो गया। जब टीम मौके पर पहुंची तो साइबर कैफे बंद मिला। पुलिस टीम ने शटर का ताला काटकर उसे खोला। उन्होंने मौके से कई दस्तावेज जब्त किए।

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