संविदाकर्मियों का 27% वेतन बढ़ा, दैनिक वेतनभोगियों के भी मानदेय में 4000 की बढ़ोत्तरी, मुख्यमंत्री के इस ऐलान, तो बिफरे कर्मचारी, बोले- नियमितिकरण का वादा कर, पकड़ा रहे झुनझुना

रायपुर। छत्तीसगढ़ में चुनावी साल में भूपेश बघेल सरकार कर्मचारियों पर काफी मेहरबान है। अनुपूरक बजट के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 2000 करोड़ रूपए की महत्वपूर्ण घोषणाएं कर्मचारियों के लिए की है। विधानसभा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दैनिक वेतन भोगियों और संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी सौगात का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने अनुपूरक बजट पर अपने संबोधन में 37000 संविदा कर्मियों को तोहफा देते हुए उनके वेतन में 27 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा की है। इससे 350 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा।

दैनिक वेतन भोगी के वेतन में 4000 रुपए मासिक वृद्धि की गई है। इससे 240 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा। 1650 अतिथि शिक्षकों के मानदेय में 2 हजार रुपए मासिक की बढ़ोत्तरी की गई है, इससे 4 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार पर पड़ेगा। 6000 पटवारियों को 500 रुपए मासिक संसाधन भत्ता, इससे 4 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा।

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मितानिन ट्रेनर, ब्लॉक कोआर्डिनेटर एवं हेल्प डेस्क ऑपरेटर को प्रतिदिन दैनिक प्रोत्साहन भत्ता 100 रुपए दिया जाएगा। इससे 11 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा। 10 हजार पंचायत सचिवों को 2500 से 3000 रुपए मासिक दिया जाएगा। इससे 50 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा।

हालांकि मुख्यमंत्री की घोषणा से संविदाकर्मी काफी मायुस हैं। दरअसल भूपेश सरकार ने सत्ता में आने से पहले संविदाकर्मियों से वादा किया था, कि सरकार बनते ही राज्य सरकार उनका नियमितिकरण कर देगी। सरकार ने अपने घोषणा पत्र में भी इसका जिक्र किया था, लेकिन अब चुनावी साल में मुख्यमंत्री ने सिर्फ वेतन बढ़ोत्तरी से दैनिन वेतनभोगी और संविदाकर्मियों को खुश करना चाहती है। इधर सरकार की घोषणा के बाद अनियमित कर्मचारी संगठनों ने तीखी नाराजगी जतायी है।

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अनियमित कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय संयोजक गोपाल प्रसाद साहू ने बताया कि कांग्रेस सरकार ने अपने अंतिम पूरक बजट में घोषणा पत्र के बिंदु 11 एवं 30 अनुसार नियमितीकरण एवं आउट सोर्सिंग बंद नहीं कर प्रदेश के अनियमित कर्मचारियों के सपनों को रौंदा है| नियमितीकरण की 10 दिन में, फिर आगामी वर्ष, फिर कोरोना का बहाना, फिर अनुपूरक बजट में करने का भरोसा| कांग्रेस सरकार के इस वादा खिलाफी से अनियमित कर्मचारी आक्रोशित है| अनियमित कर्मचारी [संविदा, दैनिक वेतन भोगी, कलेक्टर दर, श्रमायुक्त दर पर कार्यरत श्रमिक, प्लेसमेंट, मानदेय, अशंकालिक, जाबदर, ठेका] अपने अधिकार के लिए संघर्ष जारी रखेगा|

वहीं छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रवि गड़पाले ने कहा है कि अनुपूरक बजट पेश किया गया जिसमें 37 हजार संविदा कर्मचारियों के वेतन में 27% की वृद्धि की गई है जिसमें 350 करोड़ रुपए का वित्तीय भार आएगा। महासंघ के प्रदेश सचिव श्री भूपेंद्र साहू ने बताया कि यह मांग महासंघ की ओर से लगातार किया जा रहा था इस मांग के पूरा होने से निश्चित तौर पर संविदा कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति ठीक होगी। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री रवि गढ़पाले ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं 37000 संविदा कर्मचारियों को अनुपूरक बजट में मांग पूरी होने पर बहुत-बहुत बधाई दी है। महासंघ के प्रदेश महासचिव सतीश रजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ की प्रमुख मांग नियमितीकरण अनुपूरक बजट में शामिल नहीं होने पर कर्मचारियों में आक्रोश है। कांग्रेस पार्टी के जन घोषणापत्र में लिखित नियमितीकरण की मांग के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

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