Tourism: क्या आप भी करना चाहते है नैना देवी मंदिर के दर्शन? यहां हवन यज्ञ करने से सभी मनोकामनाएं होती हैं पूरी…

Tourism: यह बहुत ही शुभ और उत्साहजनक समाचार है। श्री नैना देवी मंदिर न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि पूरे भारत के श्रद्धालुओं के लिए एक आस्था का केंद्र है। गुप्त नवरात्रि का महत्व साधना और तंत्र के दृष्टिकोण से विशेष होता है, और ऐसे में मां नैना देवी के दर्शन का अवसर मिलना भक्तों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़, विभिन्न राज्यों से लोगों का पहुंचना और प्रशासन द्वारा किए गए इंतज़ाम—यह सब दर्शाता है कि आस्था और व्यवस्था दोनों का अच्छा संतुलन बना हुआ है। क्या आप स्वयं इस बार दर्शन के लिए जाने की योजना बना रहे हैं? या आप पहले कभी गए हैं नैना देवी?

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Tourism:हिमाचल प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नैना देवी में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और पूजा-अर्चना की. यह गुप्त नवरात्रि 7 जुलाई से 15 जुलाई तक चलेगी। गुप्त नवरात्र में जहां दूसरे प्रदेशों से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में मां के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। उधर, हिमाचल प्रदेश सरकार की गाइडलाइन के अनुसार जिला प्रशासन और मंदिर न्यास ने गुप्त नवरात्रों के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं।

पुजारी ने बताया कि पूरे साल में चार नवरात्र मनाए जाते हैं जिसमें दो गुप्त नवरात्र आषाढ़ माह और माघ माह में मनाए जाते हैं. एक ही समय में दो नवरात्रि चौत्र और आश्विन नवरात्रि मनाई जाती हैं। उन्होंने बताया कि गुप्त नवरात्रि में तंत्र पूजा का विशेष महत्व होता है, जो भी व्यक्ति पूजा और हवन यज्ञ करता है माता रानी उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं।

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नैना देवी हिंदुओं के पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है। मंदिर के मुख्य द्वार के दाईं ओर भगवान गणेश और हनुमान की मूर्ति है। मुख्य द्वार पार करने के बाद आपको दो शेर की मूर्तियाँ दिखाई देंगी। इसे सिंह माता का वाहन माना जाता है। मंदिर के गर्भगृह में तीन मुख्य मूर्तियाँ हैं। दाईं ओर देवी काली की मूर्ति है, बीच में नैना देवी हैं और बाईं ओर भगवान गणेश हैं। पास में ही पवित्र जल का एक तालाब है जो मंदिर से थोड़ी दूरी पर स्थित है।

Tourism:मंदिर के पास एक गुफा है जिसे नैना देवी गुफा के नाम से जाना जाता है। पहले मंदिर तक पहुंचने के लिए 1.25 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ती थी लेकिन अब मंदिर प्रशासन ने मंदिर तक पहुंचने के लिए उर्दलाखटोले की व्यवस्था की है। नैना देवी मंदिर शक्तिपीठ मंदिरों में से एक है। पूरे भारत में कुल 51 शक्तिपीठ हैं। इन सभी की मूल कहानी एक ही है। ये सभी मंदिर भगवान शिव और माता शक्ति से जुड़े हुए हैं। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इन सभी स्थानों पर देवी का शरीर गिरा था।

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