झारखंड: चार बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, ACS ने सभी जिलों के डीसी व सिविल सर्जन को लिखी चिट्ठी, पढ़िये क्या दिये निर्देश
Jharkhand: Health Department on alert following the deaths of four children; ACS writes to DCs and Civil Surgeons of all districts—read the instructions issued.

रांची। चार बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के ACS ने सभी जिलों के डीसी को पत्र लिखकर निर्देश जारी किये हैं। दरअसल झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया से चार बच्चों की मौत हो गयी थी। घटना की जानकारी के बाद राज्य का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने सभी उपायुक्तों और सिविल सर्जनों को पत्र जारी कर मलेरिया की रोकथाम, निगरानी और उपचार के लिए तत्काल प्रभाव से व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
सभी जिलों में बढ़ेगी निगरानी
अपर मुख्य सचिव ने सभी उपायुक्तों से कहा है कि जिन क्षेत्रों में मलेरिया के मामले सामने आ रहे हैं, वहां युद्ध स्तर पर कार्ययोजना बनाकर निगरानी बढ़ाई जाए। साथ ही प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि संक्रमण को फैलने से समय रहते रोका जा सके।
बुखार के मरीजों का होगा एक्टिव सर्वे
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि जिन इलाकों में बुखार के मरीज अधिक मिल रहे हैं, वहां बहुद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (MPW) और सहिया के माध्यम से घर-घर जाकर एक्टिव सर्वे कराया जाए।मलेरिया की आशंका वाले प्रत्येक मरीज की तत्काल जांच करने और रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर बिना देरी मलेरिया रोधी दवाओं से इलाज शुरू करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
गंभीर मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था
विभाग ने सभी जिलों को गंभीर मरीजों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। निर्देश में कहा गया है कि गंभीर हालत वाले मरीजों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए तथा सभी मरीजों के उपचार और फॉलो-अप की नियमित निगरानी की जाए।
अस्पतालों में दवाएं और जांच किट उपलब्ध रखने के निर्देश
अपर मुख्य सचिव ने सभी उपायुक्तों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में मलेरिया जांच किट और मलेरिया रोधी दवाएं उपलब्ध रहें, ताकि इलाज में किसी प्रकार की परेशानी न हो।मलेरिया नियंत्रण के लिए प्रभावित क्षेत्रों में कीटनाशी दवाओं का छिड़काव, लार्वा नियंत्रण अभियान और अन्य वेक्टर कंट्रोल गतिविधियों को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।









